निर्माणाधीन राम मंदिर फोटो-ट्विटर
Ayodhya Ram Mandir: राम नगरी अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर तेजी से अपना आकार ले रहा है. तो दूसरी ओर जनवरी 2024 में होने जा रहे रामलला प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर भी तैयारियां जोरों पर हैं. इसको लेकर अयोध्या में प्रतिदिन बैठक चल रही है. तो वहीं खबर सामने आ रही है कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारी कई चरणों में पूरी की जा रही है. इस सम्बंध में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने मीडिया को दिए बयान में बताया है कि प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारियों के कई चरण हैं.
इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए चंपत राय ने रामलला की मूर्ति को लेकर जानकारी दी और बताया कि रामलला 5 साल के बालक के रूप में होंगे और तीन मूर्तिकार मूर्तियों का निर्माण करने में जुटे हैं. इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा कि रामलला चाहेंगे तो ही प्रतिमा स्थापित हो सकेगी. फिलहाल इसके बारे में प्रतिमाएं बन जाने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा. इसी के साथ उन्होंने गर्भगृह को लेकर जानकारी दी और बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के दूसरे चरण के तहत गर्भगृह पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है. यहीं पर रामलला विराजमान होंगे. प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा. इससे पहले फर्श को पूरी तरह से तैयार करने का काम चल रहा है. मंदिर आगे बनता रहेगा.
चंपत राय ने आगे जानकारी दी कि प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया गया है. साधु-संतों और वरिष्ठ जनों को मिलाकर अतिथियों की एक अलग सूची बनाई जा रही है. फिलहाल ये सूची अभी फाइनल नहीं हुई है. इसलिए नामों का खुलासा अभी नहीं किया जा सकता है. लाखों की संख्या में देश के तमाम हिस्सों से राम भक्त कार्यक्रम में पहुंचेंगे. इसको देखते हुए बड़ी तैयारी की जा रही है. लोगों के रुकने से लेकर उनके भोजन तक का बंदोबस्त किया जा रहा है. चूंकि हर कोई तो आयोजन पर नहीं पहुंच सकता, इसलिए सभी से अपने-अपने घर के पास स्थित मंदिर में पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई है. हर गांव व शहर के मंदिरों में कार्यक्रम का आयोजन करने की अपील की गई है. कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट कराया जाएगा. सभी से अपील है कि प्राण-प्रतिष्ठा के दिन अपने-अपने घरों में दीपक जलाएं.
चंपत राय ने जानकारी दी कि प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले रामलला की मूर्ति के समक्ष अक्षत (चावल) से पूजा की जाएगी औैर फिर इसी अक्षत को देश के 5 लाख गांव तक भेजा जाएगा. इसको लेकर 1 से 15 जनवरी 2024 के बीच अभियान चलाया जाएगा. प्राण-प्रतिष्ठा के दिन रामलला की तस्वीर खींची जाएगी और इसे मंदिर आने वालों को प्रसाद के साथ वितरित किया जाएगा. इस तरह से देश के कोने-कोने में रामलला की फोटो भेजी जाएगी.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव ने बताया कि कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए धार्मिक कमेटी बनाई गई है. जो इस बात का ध्यान रखेगी कि प्राण-प्रतिष्ठा के वक्त रामलला कैसा परिधान धारण करेंगे और उनका श्रृंगार कैसा होगा? इसी के साथ पूजा के समय कौन-कौन से मंत्री शामिल होंगे और मौजूदा पूजा पद्धति में क्या बढ़ोत्तरी की जाएगी आदि को लेकर धार्मिक कमेटी ही निर्णय लेगी और फिर विचार-विमर्श कर इसकी जानकारी राम मंदिर ट्रस्ट को देगी.
-भारत एक्सप्रेस
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