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Beohari में गजब का विरोध: अधिकारी न मिले तो कांग्रेस ने कुत्ते को ही बना दिया ‘सरकारी रिसीविंग ऑफिसर’, गले में टांग दिया 18 सूत्रीय ज्ञापन!

Beohari Congress protest corruption news: ब्यौहारी में नगर परिषद पर कथित भ्रष्टाचार और स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर ब्लॉक कांग्रेस द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन मंगलवार को उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब ज्ञापन लेने के लिए कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. इस घटनाक्रम ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि प्रदर्शन के अनोखे तरीके के कारण भी पूरे क्षेत्र में बहस छेड़ दी है.

प्रशासन की लापरवाही पर कांग्रेस नेताओं ने किया प्रदर्शन

दरअसल कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी कलेक्टर के नाम 18 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपने के लिए नगर परिषद कार्यालय पहुंचे थे. इन मांगों में कथित भ्रष्टाचार की जांच, विकास कार्यों में अनियमितताओं पर रोक, और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के त्वरित समाधान जैसी मांगे शामिल थीं. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नगर परिषद में लंबे समय से जनहित के कार्यों की अनदेखी की जा रही है.

निर्धारित समय के बावजूद एसडीएम, तहसीलदार या किसी अन्य जिम्मेदार अधिकारी के न पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर जनता की समस्याओं से दूरी बना रहा है. प्रशासन की लापरवाही पर प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद कार्यालय का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ विरोध किया.

कांग्रेस ने कुत्ते को ही बना दिया सरकारी रिसीविंग ऑफिसर

विरोध का माहौल तब और तेज हो गया जब कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की कार्यशैली पर तंज कसते हुए प्रदर्शन किया. उन्होंने एक कुत्ते के गले में ज्ञापन और मांग पत्र लटकाकर उसे ज्ञापन सुनाया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। यह दृश्य कुछ ही समय में स्थानीय स्तर पर चर्चा और सोशल मीडिया पर भी बहस का विषय बन गया.

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कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह प्रतीकात्मक विरोध प्रशासन की लापरवाही को उजागर करने के लिए किया है. उनका आरोप है कि नगर परिषद में भ्रष्टाचार, विकास कार्यों में अनियमितता और जनता की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे आम नागरिक परेशान हैं. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी 18 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने शाहडोल जिले में प्रशासनिक जवाबदेही और स्थानीय शासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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