Bharat Express Conclave
Bharat Express Conclave: यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि अयोध्या के कण-कण में भगवान श्रीराम का वास है, तभी तो आज इस अयोध्या की चारों तरफ चर्चा है. हालांकि, ऐसा हो भी क्यों न एक तो इसी अयोध्या में रामलला ने जन्म लिया था. वहीं 500 साल के कठोर वनवास के बाद वह अपने जन्म स्थान पर लौट रहे हैं. भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क ने रामलला के आने से पहले बड़ी तैयारी की है. भारत एक्सप्रेस का मंच अवध में सज गया है. नेता हो या अभिनेता, साधु हो या संत…भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के मंच ‘भारत एक्सप्रेस कॉन्क्लेव’ में सभी एक साथ शामिल होंगे.
12 जनवरी को भारत एक्सप्रेस पर सबसे बड़ा conclave का आयोजन किया जा रहा है. सुबह दस बजे से लगातार अवध से श्रीराम की बात होगी. भगवान राम पर जन भावना क्या है? भारत एक्सप्रेस कॉन्क्लेव के मंच से दुनिया देखेगी . कैसा रहा है डेवलपमेंट और कितना सफल रहा है सरकारी तंत्र? इन सभी मुद्दों पर भारत एक्सप्रेस कॉन्क्लेव में चर्चा होगी. देश के तमाम दिग्गज राम के साथ-साथ विकास की बात भी करेंगे.
बता दें कि सालों बाद भगवान श्री राम अयोध्या वापस आ रहे हैं, यह भक्तों के लिए एक श्रद्धा का क्षण होगा. वास्तव में यह सनातन हिंदुओं और लाखों लोगों के लिए खुशी, उत्साह और आध्यात्मिकता का विषय है, जो 22 जनवरी 2024 को इस तरह के एक पल का गवाह होंगे. यह खुशी की बात है कि भगवान राम ने हमारी पीढ़ी को अपने जीवनकाल में इसे संजोने का अवसर दिया है. अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के साथ, मंदिर शहर एक बड़े पैमाने पर बदलाव का गवाह बन चुका है.वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को ऐतिहासिक बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही.
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दरअसल सरकार इसे उत्तर प्रदेश की ग्लोबल ब्रांडिंग के मौके के तौर पर देख रही है. संस्कृत का एक सूत्र है- योगक्षेम. योगक्षेम का अर्थ कई प्रकार से देखा-गढ़ा जाता है, पर मूल भाव है कुछ हासिल करना और जो हासिल है उसे संभालना, उसकी रक्षा करना. योगक्षेम का यह सूत्र उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वर्तमान अवतार को अभिव्यक्त करता नज़र आ रहा है.
कैसा रहा डेवलपमेंट , कितना सफल सरकारी तंत्र?
अयोध्या वैसे तो एक छोटा जिला है, लेकिन इसका इतिहास वृहद है. हिन्दू धार्मिक स्थलों में रामनगरी अयोध्या हमेशा से अहम रही है, लेकिन अब इसका भव्य और दिव्य रूप दुनिया के सामने आने वाला है. पिछले कुछ महीनों में अयोध्या और उसके आसपास के इलाकों का तेजी से कायाकल्प हुआ है. अयोध्या में अब चौमुखी विकास ये दर्शाता है कि भारत में आध्यात्मिक पर्यटन का अर्थव्यवस्था में अहम स्थान रहने वाला है… अयोध्या जंक्शन अब अयोध्या धाम हो गया है और मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट अयोध्या धाम के नाम से पहचाना जा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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