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बैंक धोखाधड़ी मामले में CBI कोर्ट का बड़ा फैसला, बैंक अधिकारी को 7 साल की सजा और 15 लाख का जुर्माना

CBI मामलों के लिए विशेष अदालत (कोर्ट नंबर 08) ने आज, 24 जनवरी 2024, स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र, दरबारगढ़ शाखा, भावनगर के तत्कालीन विशेष सहायक, किर्तिकुमार धीरजलाल मेहता को सात साल के कठोर कारावास (RI) और 15 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई. आरोपी को आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, मूल्यवान सुरक्षा के साथ जालसाजी, धोखाधड़ी के उद्देश्य से जाली दस्तावेज तैयार करने, जाली दस्तावेजों का उपयोग और आपराधिक कदाचार के आरोपों में दोषी पाया गया. आरोपी ने सरकारी खजाने को 95,94,004 रुपये का नुकसान पहुंचाया था.

क्या है पूरा मामला?

CBI ने 16 मार्च 2004 को किर्तिकुमार धीरजलाल मेहता और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था. आरोप था कि किर्तिकुमार मेहता, जो स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र की दरबारगढ़ शाखा के व्यक्तिगत बैंकिंग डिवीजन में कार्यरत थे, ने 243 लाख रुपये की हेराफेरी की. उन्होंने 61 फर्जी स्टाफ एडिशनल हाउसिंग लोन खातों के माध्यम से यह धनराशि अवैध रूप से स्थानांतरित की. इन लोन खातों को गैर-मौजूद या फर्जी बैंक कर्मचारियों के नाम पर दिखाया गया था.

आरोप है कि वर्ष 1995 के अंतिम तिमाही से स्टाफ एडिशनल हाउसिंग लोन के तहत 2.80 लाख रुपये से लेकर 4.40 लाख रुपये तक के लोन, स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र के कर्मचारियों के नाम पर जारी किए गए. इन लोन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मंजूर किया गया और इस तरह बैंक को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया.

CBI ने आरोपी के खिलाफ दायर की चार्जशीट

जांच के बाद, CBI ने 26 दिसंबर 2005 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की. इसमें यह स्पष्ट किया गया कि 1992 से 2004 के बीच सार्वजनिक सेवक रहते हुए किर्तिकुमार मेहता ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की. इसके चलते बैंक को 95,94,004 रुपये का नुकसान हुआ और आरोपी ने इसका व्यक्तिगत लाभ उठाया.

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 47 से अधिक गवाह पेश किए और 152 से अधिक दस्तावेज/सबूत अदालत में प्रस्तुत किए. सभी सबूतों और गवाहों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और सात साल के कठोर कारावास और 15 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई.

CBI की कार्रवाई और संदेश

CBI ने इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और जनता से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें.

ये भी पढ़ें: ईडी ने धोखाधड़ी निवेश योजना में की बड़ी कार्रवाई, 21.75 करोड़ रुपये के बैंक खाते फ्रीज

-भारत एक्सप्रेस

मिताली चंदोला, एडिटर, स्पेशल प्रोजेक्ट्स

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