Bihar Assembly Election 2025: बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर में संभावित विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. कांग्रेस नेतृत्व ने मंगलवार को पार्टी की बिहार इकाई के नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें आगामी चुनावी रणनीति और संगठन की स्थिति पर चर्चा की गई. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि कांग्रेस इंडिया गठबंधन के तहत अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी. हालाँकि, मुख्यमंत्री पद के चेहरे और सीट बंटवारे का निर्णय सामूहिक रूप से गठबंधन के सभी घटक दलों द्वारा लिया जाएगा.
बैठक में बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारी, वरिष्ठ नेता और विधायक सभी ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ गठबंधन जारी रखने की बात कही. हालांकि, कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि वह सम्मानजनक सीटों के साथ गठबंधन में बनी रहना चाहती है. सीटों की संख्या को लेकर फिलहाल कोई चर्चा नहीं हुई, लेकिन कांग्रेस का रुख स्पष्ट है कि वह अपनी स्थिति को कमजोर नहीं होने देगी.
एक मौजूदा सांसद ने बैठक के दौरान कहा कि “अगर हमें आरजेडी की जरूरत है, तो आरजेडी को भी कांग्रेस की मजबूती की जरूरत है.” यह बयान यह दर्शाता है कि कांग्रेस अपने राजनीतिक वजन को बनाए रखते हुए गठबंधन की शर्तों को तय करना चाहती है.
बैठक में कांग्रेस के मौजूदा विधायकों ने राहुल गांधी से यह आग्रह किया कि जनता में यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि सिटिंग विधायकों का टिकट कटने वाला है. इससे जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है. विधायकों ने पार्टी से जल्द ही स्पष्ट निर्देश देने की मांग की, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम शुरू कर सकें.
गठबंधन के तहत सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस ने अगले 15 दिनों के भीतर एक कमिटी बनाने का फैसला लिया है. यह कमिटी सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा करेगी और सहयोगी दलों के साथ समन्वय स्थापित करेगी.
इसके अलावा, कांग्रेस ने यह भी तय किया है कि जो सीटें उसे गठबंधन में मिलेंगी, उन पर दो महीने पहले ही उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी. यह रणनीति पार्टी के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि इससे उम्मीदवारों को जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों का पर्याप्त समय मिलेगा और पार्टी कार्यकर्ताओं में भी जोश बना रहेगा.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक के बाद सोशल मीडिया X पर लिखा कि “बिहार में बदलाव की बयार बहने लगी है.” उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक जैसी समस्याओं से बिहार का युवा नाराज़ है.
इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह, वरिष्ठ नेता मीरा कुमार और तारिक अनवर सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे
कांग्रेस के इस रुख से यह संकेत मिलता है कि वह बिहार में गठबंधन को लेकर गंभीर है और मजबूत स्थिति में रहकर चुनावी मैदान में उतरना चाहती है. अब देखना यह होगा कि आरजेडी और अन्य सहयोगी दल कांग्रेस की इन शर्तों पर कितना सहमत होते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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