BJP Coconut Plan: बिहार चुनाव में मिली प्रचंड जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता अभी ठीक से सुस्ता भी नहीं पाए थे कि उन्हें पार्टी की ओर से नया टास्क दे दिया गया. हालांकि, इस टास्क को कार्यकर्ताओं को पूरा करने की अभी मियाद नहीं दी गई है. क्योंकि, ये टास्क देखने में बहुत साधारण लग सकता है. लेकिन, कार्य को जब कार्यकर्ता पूरा करने बैठेंगे तो कितनी घड़ियां लगेंगी ये कहा नहीं जा सकता है. हालांकि, पार्टी की ओर से इस कठिन टास्क को सॉल्व करने के लिए कुंजी भी थमा दी गई है. इसके अलावा कार्यकर्ताओं को इस काम को फतह करने के लिए रास्ता भी सुझा दिया गया है.
बिना समय जाया किये हम आपको सीधे मुद्दे पर लाते हैं. हम आपको बताते हैं कि आखिर क्या है बीजेपी का ‘नारियल प्लान’? जिसके जरिए भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल को फतह करना चाहती है. इसके अलावा दक्षिण भारत के राज्य जिसमें- केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु को फतह करना चाहती है जबकि आंध्र प्रदेश में वोट बैंक बढ़ाना चाहती है.
इससे पहले कि हम बीजेपी के ‘नारियल पानी प्लान’ के बारे में आपको समझाएं उससे पहले आपको ये बताना जरूरी है कि इन राज्यों में बीजेपी किस हाल में है. तो सबसे पहले हम बात करते हैं पश्चिम बंगाल की. यहां तृणमूल कांग्रेस पार्टी की सरकार है और राज्य के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं. यहां भारतीय जनता पार्टी मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है.
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अगर कर्नाटक की बात करें तो यहां बीजेपी कांग्रेस की सरकार को उखाड़ फेंकना चाहती है. जबकि, केरल और तमिलनाडु में जनाधार बढ़ाते हुए अधिक से अधिक संख्या में सीटें जीतना चाहती हैं. इस कारण केंद्र में बीजेपी नीत एनडीए सरकार ‘नारियल प्लान’ लॉन्च कर दी है. विरोधियों को सत्ता से उखाड़ फेंकने का ये काम बीजेपी किसानों के जरिए करना चाहती है. पार्टी चाहती है कि जल्द से जल्द खेतों के रास्ते घर में पैठ बनाई जाए और उसे वोटों में तब्दील कर कुर्सी पर कब्जा जमाया जाए.
हाल ही में पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में कई फैसले लिए गए. लेकिन, जो फैसला सबसे अहम दिखा वो है नारियल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी कि जिसे हम MSP कहते हैं उसमें बढ़ोतरी (Coconut MSP hike). दरअसल, बैठक के बाद अश्विनी वैष्णव ने बताया कि किसानों को लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराने के लिए 2026 सीजन के लिए नारियल गिरी मिलिंग ग्रेड के MSP में 400 रुपये और नारियल गोला के MSP में 445 रुपये की बढ़ोतरी की गयी है.
अश्विनी वैष्णव के मुताबिक सीजन 2014 के मुकाबले यह बढ़ोतरी क्रमशः 127 और 129 प्रतिशत की है. सरकार के इस फैसले के बाद नारियल गिरी मिलिंग ग्रेड का नया एमएसपी 12,027 प्रति कुंतल और नारियल गोला का नया एमएसपी 12,500 प्रति कुंतल हो गया है. इस दौरान वैष्णव ने कहा कि इसका उद्देश्य देश और विदेश में नारियल उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए किसानों को खोपरा (सूखा नारियल) उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है.
MSP बढ़ा कर सरकार खेत के रास्ते किसानों के घर तक पहुंचने की जुगत में है. ऐसे में सरकार का ये प्लान कितना सफल होगा ये तो वहां के किसान ही बताएंगे. क्योंकि, फसलों की खरीद, किसानों का केंद्र सरकार की नीतियों पर भरोसा और मौजूदा राज्य सरकार से दूरी समेत कई ऐसे फैक्टर होंगे जो कि ये तय करेगा कि आखिर वहां के किसान मौजूदा केंद्र सरकार की नीतियों पर कितना भरोसा करते हैं.
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फिलहाल MSP की बात कर इन राज्यों के कार्यकर्ताओं के अंदर एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया गया है. केंद्रीय नेतृत्व इस टास्क को पूरा करने के लिए रोडमैप और प्लान तैयार करने पर भी बैठकें शुरू कर दी है. अब केंद्रीय नेतृत्व का रोडमैप कार्यकर्ताओं को दिया जाएगा और पार्टी के वर्कर इस काम को पूरा करने में दिल जान से जुट जाएंगे.
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