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बिहार तो हाथ में फिर.. नितिन नबीन के पीछे क्या है BJP की अंकगणित? समझें नियुक्ति के 5 कारण

BJP Political Strategy: बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन (Nitin Nabin) को पार्टी ने नया कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर BJP का इस नाम के पीछे क्या अंकगणित है. आइये समझने की कोशिश करते हैं.

Why BJP Chose Nitin Nabin Know Political Strategy Behind Bihar UP Bengal Leadership Plan

नितिन नबीन के पीछे क्या है BJP का अंकगणित?

BJP Political Strategy: अपने नए अध्यक्ष के चुनाव से पहले बीजेपी ने कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी है. पार्टी महासचिव अरुण सिंह ने इस संबंध में सूचना जारी करते हुए बताया कि भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन (Nitin Nabin) को बीजेपी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. उपरोक्त नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी. अब सवाल ये उठ रहा है कि भाजपा की NDA गठबंधन के हाथ में पहले से बिहार है तो ऐसे में इस नियुक्ति के पीछे उसकी क्या अंकगणित है? आइये इसे समझने की कोशिश करते हैं.

नितिन नवीन (who is nitin nabin) की नियुक्ति शीर्ष नेतृत्व ढांचे में बदलाव का दौर है.  ऐसे में उन्हें आगामी संगठनात्मक रणनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है. उन्होंने पार्टी के लिए कई प्रदेश में काम किया है. खास तौर से छत्तीसगढ़ का चुनाव प्रभारी रहते हुए उन्होंने प्रदेश में सत्ता की वापसी कराई थी.

नितिन नबीन के पीछे बीजेपी का अंकगणित? (BJP Strategy Behind Nitin Nabin)

  1. बंगाल चुनाव साधने का प्लान
  2. उत्तर प्रदेश के कायस्थ वोटरों पर नजर
  3. बिहार में नीतीश कुमार का विकल्प
  4. युवाओं की अगली पंक्ति तैयार करना
  5. पुराने रिकॉर्ड से पार्टी को आशा

बंगाल चुनाव साधने का प्लान

बिहार जीतने के बाद बीजेपी का अगला टारगेट बंगाल के चुनाव में फतह करना है. ऐसे में नितिन नबीन की नियुक्ति काफी हद तक फिट बैठती है. यह कायस्थ समाज से आते हैं और पश्चिम बंगाल में इस समुदाय के अच्छे खासे वोटर हैं. पश्चिम बंगाल में लगभग 27 लाख कायस्थ आबादी है. 2024 के लोकसभा चुनाव में TMC ने 42 में से 10-11 टिकट कायस्थ समुदाय के व्यक्तियों को दिए, जो समुदाय के राजनीतिक महत्व को दर्शाता है. ऐसे में साफ है कि बीजेपी नितिन नबीन के बहाने पश्चिम बंगाल को साधना चाहती है.

उत्तर प्रदेश के कायस्थ वोटरों पर नजर

साल 2027 में उत्तर प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं. भाजपा के लिए यह सूबा सबसे मजबूत गढ़ है और यहां की जीत हमेशा से उसे केंद्र में बढ़त देती हैं. राज्य में कायस्थ जनसंख्या के बारे में चर्चा की जाए तो यहां अच्छी खासी संख्या में कायस्थ वोटर हैं. बिहार से सटे इलाकों में इनकी संख्या अधिक है. ऐसे में नितिन नबीन उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए अच्छा मोहरा साबित हो सकते हैं.

बिहार में नीतीश कुमार का विकल्प

NDA के पास बिहार की सरकार है लेकिन भाजपा यहां कोई चांस नहीं लेना चाहती है. फिलहाल के लिए तो सम्राट चौधरी प्रदेश में लीडर बने हुए हैं लेकिन उनकी छवी को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं. सुशील मोदी के बाद प्रदेश में बीजेपी को एक चेहरा चाहिए जो मौका आने पर नीतीश कुमार का विकल्प बन सके. ऐसे में नितिन नबीन का चेहरा एकदम फिट बैठता है.

युवाओं की अगली पंक्ति तैयार करना

नितिन नबीन को अगर भाजपा का अध्यक्ष बनाया जाए तो वह अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष होंगे. मोदी शाह की जोड़ी ने ऐसे फैसलों से सबको चौंकाया है. उन्होंने सरकार में चुनाव हो या संगठन में नियुक्त हमेशा ही नए चेहरों के साथ युवाओं को मौका दिया है. ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि नितिन नबीन के नाम का ऐलान साफ दिखाता है कि बीजेपी अब युवाओं को अपनी कमान देने जा रही है.

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पुराने रिकॉर्ड से पार्टी को आशा

बिहार में 4 बार के विधायक और तत्कालीन सरकार में मंत्री नितिन नबीन जितना जनता के बीच काम करते हैं उतना ही वो संगठन में भी काम करते हैं. उन्होंने छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की सरकार को उखाड़ने के लिए बेहतरीन योजना बनाई थी. अभी भी वो वहां प्रभारी के तौर पर काम कर रहे हैं. संघ के पुराने सिपाही हैं. ऐसे में पार्टी उनकी रणनीतियों पर भी आशा कर रही है.

अध्यक्ष बने तो बनेगा इतिहास (Nitin Nabin Appointed Working President)

नितिन नबीन को पार्टी ने फिलहाल के लिए कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. मतलब साफ है कि वह केवल नए अध्यक्ष के चुनाव तक पार्टी की कमान संभालेंगे. हालांकि, अगर उन्हें ही बतौर अध्यक्ष रिपीट कर दिया गया तो वो इतिहार में सबसे युवा अध्यक्ष होंगे. खैर देखना होगा कि बीजेपी अपने संगठन को लेकर क्या फैसला लेती है.



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