देश

देश के पहले बौद्ध CJI होंगे बीआर गवई, आज भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में लेंगे शपथ

न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई आज (14 मई) भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद की शपथ लेंगे. बीआर गवई (BR Gavai) देश के पहले बौद्ध सीजेआई होंगे. न्यायमूर्ति गवई पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया संजीव खन्ना की जगह लेंगे.

सीजेआई संजीव खन्ना नेे भेजा था प्रस्ताव

20 अप्रैल, 2025 को संजीव खन्ना ने औपचारिक नियुक्ति प्रक्रिया के तहत न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई को अपने उत्तराधिकारी के रूप में आधिकारिक तौर पर अनुशंसित किया था, जिसका प्रस्ताव कानून मंत्रालय को भेजा था.

SC के सबसे सीनियर जज हैं BR Gavai

वर्तमान में, न्यायमूर्ति गवई सीजेआई खन्ना के बाद सर्वोच्च न्यायालय में सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं . न्यायमूर्ति गवई (BR Gavai) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पद की शपथ दिलाएंगी. मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति गवई का कार्यकाल लगभग छह महीने का होगा, जो नवंबर 2025 में उनकी सेवानिवृत्ति के साथ समाप्त होगा. बीआर गवई का जन्म 24 नवंबर, 1960 को अमरावती में हुआ था. 16 मार्च, 1985 को बार में शामिल हुए. 1987 तक बार के पूर्व महाधिवक्ता और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश स्वर्गीय राजा एस. भोंसले के साथ काम किया.

BR Gavai का अब तक सफर

1987 से 1990 तक बॉम्बे हाई कोर्ट में स्वतंत्र रूप से वकालत की. 1990 के बाद, मुख्य रूप से बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में वकालत की. इसके बाद संवैधानिक कानून और प्रशासनिक कानून में वकालत की. नागपुर नगर निगम, अमरावती नगर निगम और अमरावती विश्वविद्यालय के लिए स्थायी वकील भी रहे.

यह भी पढ़ें- भारत और पाकिस्तान तनाव के बीच पीएम मोदी आज रात 8 बजे करेंगे देश को संबोधित, ऑपरेशन सिन्दूर को लेकर दे सकते हैं बयान

BR Gavai विभिन्न स्वायत्त निकायों और निगमों जैसे कि SICOM, DCVL, आदि तथा विदर्भ क्षेत्र की विभिन्न नगर परिषदों के लिए नियमित रूप से पेश हुए. अगस्त, 1992 से जुलाई, 1993 तक बॉम्बे उच्च न्यायालय, नागपुर पीठ में सहायक सरकारी वकील और अतिरिक्त लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त किए गए.

23 नवंबर 2025 को होंगे रिटायर

17 जनवरी, 2000 को BR Gavai को नागपुर बेंच के लिए सरकारी वकील के रूप में नियुक्त किया गया. 14 नवंबर, 2003 को उन्हें उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया. 12 नवंबर, 2005 को बॉम्बे उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश बने. मुंबई में मुख्य पीठ के साथ-साथ नागपुर, औरंगाबाद और पणजी में सभी प्रकार के कार्यभार वाली पीठों की अध्यक्षता की. 24 मई, 2019 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए. 23 नवंबर 2025 को गवई रिटायर होंगे.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

Recent Posts

‘मेरा बाप देख लेगा…’, 3 छात्रों को कुचलकर रईसजादे की अकड़, 210 की स्पीड से चला रहा था Mini Cooper

केरल के कोच्चि में तेज रफ्तार मिनी कूपर कार की टक्कर से तीन छात्रों की…

27 minutes ago

अहंकार की सनक या सीट का पागलपन? पूर्व IAS और उसके बेटे ने दिल्ली मेट्रो में किया ऐसा कांड, देखकर सहम गए लोग

Delhi Metro Murder: दिल्ली मेट्रो के सुप्रीम कोर्ट स्टेशन पर सीट के विवाद में पूर्व…

1 hour ago

धौंस जमाने सऊदी गया था पाकिस्तान…! हूतियों ने धर लिए 47 PAK सैनिक, मुनीर के साथ धोखा हो गया क्या?

यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सऊदी गठबंधन…

2 hours ago

‘ये तो जुल्म की इंतहा है…’: अपनी ही सरकार की करतूत पर भड़के शिवराज सिंह चौहान, प्रदर्शन को दिया खुला समर्थन

Shivraj Singh Chouhan: केंद्र सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रात में कोसमी गांव…

2 hours ago

भीख मांगते-मांगते शहबाज शरीफ ने अपने ही देश में लगा दी आग, खैबर पख्तूनख्वा में इंटरनेट ठप, सड़क पर उतरी सेना

Pakistan News: पाकिस्तान सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा में संविधान के अनुच्छेद 232 और 234 के…

2 hours ago