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दिल्ली में शोकसभा बनी रणभूमि! पालम अग्निकांड के शांति सभा में BJP-AAP में भिड़ंत, कार्यकर्ताओं में जमकर हाथापाई

Delhi Palam Fire: दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार (18 मार्च) को हुए भीषण अग्निकांड में नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. इस हादसे के बाद रामचौक क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने और शांति की अपील के लिए एक शांति सभा का आयोजन किया. सभा में आसपास के निवासी, मृतकों के परिजन और कई स्थानीय संगठन शामिल हुए. लेकिन शोकसभा ने जब राजनीति का रूप लिया, तब माहौल और तनावपूर्ण हो गया. जिसके बाद बीजेपी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) कार्यकर्ताओं में झड़प और हाथापाई हुई.

सुरक्षा को लेकर उठीं मांगें

सभा के दौरान लोगों ने प्रशासन से मांग की कि इलाके की इमारतों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच होनी चाहिए और अग्निशमन विभाग की पहुंच हर गली तक सुनिश्चित की जाए. लोगों का मानना था कि अगर पहले से उचित इंतजाम होते, तो इस तरह के हादसे को रोका जा सकता था.

नेताओं के आने से बदला माहौल

शुरुआत में सभा शांतिपूर्ण रही, लेकिन जैसे ही राजनीतिक नेता वहां पहुंचे, माहौल तनावपूर्ण हो गया. आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि घनी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है और पहले के हादसों से भी कोई सबक नहीं लिया गया.

आरोप-प्रत्यारोप का दौर

इस पर भाजपा विधायक कुलदीप सोलंकी ने कड़ा जवाब देते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में राजनीति करना सही नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि आप नेता इस हादसे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं. इसके बाद दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए.


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पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप

स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय लोगों ने शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन विवाद बढ़ता ही गया. हालात संभालने के लिए पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा. बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी वहां पहुंचे. इस पूरे घटनाक्रम में शांति सभा का मुख्य उद्देश्य कहीं पीछे छूट गया.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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