सांकेतिक तस्वीर
VSV Co Operative Bank Loan Scam: वीएसवी कॉपरेटिव बैंक में 85 करोड़ रुपये के लोन बैंक फ्रॉड मामले में ईडी (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है. कॉपरेटिव बैंक में फर्जी लोन खातों के माध्यम से जनता के पैसे की हेराफेरी की जा रही थी, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विपिन तिवारी, रामबाबू शांडिल्य, नितिन मेहरा और संदीप सिंह शामिल है. गिरफ्तार लोगों में दो आरोपी रिश्ते में ससुर-दामाद है.
यह धोखाधड़ी लगभग 400 फर्जी लोन खातों के माध्यम से की गई. इन खातों के उपयोग नकली और जाली वेयरहाउस तथा एलआईसी रसीदों के आधार पर पैसे बांटने के लिए किया गया. जांच के दौरान यह पाया गया कि बैंक के कर्मचारियों और अन्य निजी व्यक्तियों ने फर्जीवाड़े में सक्रिय भूमिका निभाई. ये लोग RJD नेता आलोक कुमार मेहता (Alok Kumar Mehta) और उनके सहयोगियों के साथ मिल कर काम कर रहे थे.
राम बाबू शांडिल्य का नाम इससे पहले उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल कॉपरेटिव बैंक के 30 करोड़ रुपये के घोटाले में भी आया है. रामबाबू प्रमोटर और चेयरमैन का पद पर तैनात थे. हालही में ईडी ने आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता सहित अन्य के यहां ईडी 17 ठिकानों पर छापेमारी की थी. यह छापेमारी ईडी द्वारा बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और कोलकाता में की गई थी.
वैशाली शहरी कॉरपोरेशन बैंक के प्रोमोटर सहित बैंक से जुड़े चेयरमैन, सीएमडी, सीईओ सहित अन्य अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है. आलोक मेहता पर आरोप है कि बैंक में फर्जी तरीके से लोन अकाउंट खोलकर करोड़ों रुपये का घोटाला किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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