देश

Gandhi Jayanti : गांधी जी की 156वीं जयंती पर याद आया उनका लंदन का सफर, जब बने थे बैरिस्टर

Gandhi Jayanti : आज 2 अक्टूबर है. महात्मा गांधी की 156वीं जयंती आज है. इस मौके पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है और उनके जीवन से जुड़ी अहम घटनाओं को याद किया जा रहा है. गांधी जी के जीवन की एक खास घटना थी जब वे 19 साल की उम्र में इंग्लैंड बैरिस्टर बनने के लिए गए थे.

कब गए थे विदेश?

गांधी जी 4 सितंबर 1888 को स्टीमर क्लाइड से बंबई से रवाना हुए थे और समुद्र में ही उन्होंने अपना 19वां जन्मदिन मनाया. करीब एक हफ्ते बाद वे ब्रिटेन पहुंचे. उस दौर में विदेश जाकर पढ़ाई करना बहुत बड़ी बात मानी जाती थी. उन्होंने लंदन के इनर टेंपल लॉ स्कूल से बैरिस्टर की पढ़ाई की जो उस समय ब्रिटेन के टॉप चार लॉ स्कूलों में से एक था.

कितनी थी फीस?

उस समय इनर टेंपल की फीस करीब 50 ब्रिटिश पाउंड थी जो भारतीय मुद्रा में लगभग 500–600 रुपये के बराबर थी. इस फीस में लाइब्रेरी की सदस्यता और लीगल सोसाइटी की फीस भी शामिल थी. एडमिशन के लिए गांधी जी को पहले पत्र के जरिए आवेदन करना पड़ा था फिर किसी सीनियर बैरिस्टर की सिफारिश और एक प्रवेश परीक्षा भी पास करनी पड़ी थी.

अब कैसे ले सकते हैं इनर टेंपल में एडमिशन?

आज अगर कोई इनर टेंपल में एडमिशन लेना चाहता है, तो उसे भारत से एलएलबी करना जरूरी है या फिर बार ट्रांसफर टेस्ट पास करना होता है. अगर नॉन लॉ ग्रेजुएट हैं, तो पहले GDL या लॉ कन्वर्जन कोर्स करना पड़ता है. इसके बाद बार कोर्स शुरू करने से पहले किसी एक Inn की सदस्यता लेनी होती है और ट्रेनिंग व डाइनिंग सेशन भी जरूरी होते हैं.

अब कितना फीस है?

अब इनर टेंपल में बैरिस्टर कोर्स की फीस करीब £17,000 से £25,000 यानी 18–25 लाख रुपये तक है. इसमें कोर्स, ट्रेनिंग, लाइब्रेरी और इवेंट्स की फीस शामिल होती है.

इसे भी पढ़ें-जयंती विशेष: 35 साल का फासला, लेकिन उद्देश्य एक; कैसे थे महात्मा गांधी और शास्त्री के संबंध?

स्वतंत्रता आंदोलन की नींव

गांधी जी का यह सफर न सिर्फ उनके जीवन का अहम मोड़ था, बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की नींव भी वहीं से रखी गई थी.

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

Recent Posts

मेरठ में मिठाइयों के नाम पर बड़ा खेल! गुप्त तहखाने में चल रही थी नकली चांदी के वर्क की फैक्टरी

Meerut Fake Silver Foil Factory: मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के काशी गांव में खाद्य…

4 hours ago

30 लाख दीपों से जगमगाएगी अयोध्या, 2100 ड्रोन से आसमान में दिखेगी रामायण; दीपोत्सव को भव्य बनाने की तैयारियां पूरी

Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में दीपोत्सव के 10वें संस्करण को भव्य बनाने की तैयारियां पूरी…

5 hours ago