सांकेतिक फोटो
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ से जुड़े मामले में पंजाब और हरियाणा में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है. NIA ने पंजाब में आठ और हरियाणा में एक स्थान पर एक साथ कार्रवाई की. यह कार्रवाई खालिस्तान टेररिस्ट फोर्स (KTF) से जुड़े गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ मामले में की गई. इस मामले में कनाडा स्थित आतंकी अर्श डाला और अन्य KTF ऑपरेटिव शामिल हैं.
एनआईए की टीमों ने पंजाब के बठिंडा, मुक्तसर साहिब, मोगा, फिरोजपुर, संगरूर और मानसा जिलों तथा हरियाणा के सिरसा जिले में संदिग्धों के ठिकानों पर छानबीन की. ये स्थान गिरफ्तार आरोपी बलजीत मौर और अर्श डाला एवं KTF से जुड़े अन्य ऑपरेटिव्स से संबंधित थे.
छापेमारी के दौरान एनआईए ने कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की, जिनमें मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज शामिल हैं. इन सामग्रियों की जांच एनआईए द्वारा RC 02/2024/NIA/DLI की ऑनगोइंग जांच के तहत की जा रही है. यह मामला इस साल की शुरुआत में गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए द्वारा दर्ज किया गया था.
NIA की जांच के दायरे में पंजाब की जेलें भी हैं, जहां से कई गैंगस्टर अपनी आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं. इनमें पंजाब की पटियाला की नाभा जेल में बंद अमनदीप और पंजाब की अन्य जेलों में बंद विशाल सिंह जैसे गैंगस्टरों का नाम शामिल है. इनपर संगठित अपराध और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप है.
NIA का कहना है कि यह गठजोड़ देश में अस्थिरता फैलाने के लिए आतंकवादियों और गैंगस्टरों के बीच का आपराधिक सहयोग है. इसमें विदेश से फंडिंग, हथियारों की आपूर्ति और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने की साजिश शामिल है.
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NIA के अधिकारियों ने कहा, “यह छापेमारी गैंगस्टर और आतंकवादी संगठनों के बीच गठजोड़ को तोड़ने के लिए की गई है. हमारी जांच का उद्देश्य इन गतिविधियों में शामिल सभी व्यक्तियों और नेटवर्क को बेनकाब करना है.” इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि NIA देश के अंदर सक्रिय आतंकवाद और संगठित अपराध के नेटवर्क को खत्म करने के लिए गंभीर है. मामले की जांच जारी है.
एनआईए की जांच में पता चला है कि आतंकी संगठन भारत में अपने सहयोगियों की भर्ती करने, बड़े पैमाने पर वसूली के जरिये फंड जुटाने और आतंकवादी उपकरणों की भारत में तस्करी के लिए षड्यंत्र कर रहे हैं. इन हथियारों और गोला-बारूद को डेड ड्रॉप मॉडल के जरिये भारत में ट्रांसफर किया जा रहा है. इसके अलावा, विदेशी आतंकियों और आतंकी संगठनों के संचालकों द्वारा भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कैडर की भर्ती के प्रयास किए जा रहे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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