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“मैं वहां होता तो लोग जनरल डायर को भूल जाते”, मणिपुर में महिलाओं के साथ दरिंदगी पर खौला पूर्व DGP विक्रम सिंह का खून

Manipur Video: मणिपुर की दो महिलाओं के साथ हुए बर्बरता का वीडियो सामने आने के बाद से देश में आक्रोश का माहौल है. नेता से लेकर अभिनेता तक ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. पीएम मोदी ने साफ-साफ कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं, कांग्रेस के साथ-साथ तमाम विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से इस्तीफे की मांग की है. इस बीच यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि अगर घटना स्थल पर मैं होता तो लोग जनरल डायर को भूल जाते. विक्रम सिंह ने कहा कि इस मामले में अभी तक कठोरतम कार्रवाई नहीं की गई है. पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस इसलिए नहीं है कि मूकदर्शक बनी रहे. अगर मैं वहां होता तो महिला के साथ दरिंदगी करने वाले आंख उठाकर कुछ भी देखने के काबिल नहीं होते.

पूर्व डीजीपी ने कहा कि पुलिस ने मामले में दो महीने बाद एफआईआर दर्ज की है. इसकी क्या वजह रही. पुलिस पर भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि डीएम एसएसपी को अभी तक क्यों नहीं बर्खास्त किया गया है?

क्या है मामला?

बता दें कि तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉम पर दो महिलाओं को नग्न अवस्था में परेड कराने का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो मणिपुर का है. इस शर्मसार कर देनेवाली घटना ने देश के लोगों का मन व्यथित किया है. पीड़ित महिला कुकी समुदाय की बताई जा रही है. इस भयावह वीडियो पर इंडिजिनस ट्राइबल लीडर फोरम (ITLF) का आरोप है कि गैंगरेप के बाद महिलाओं को नग्न अवस्था में घुमाया गया. वहीं, यह घटना 4 मई की बताई जा रही है. आईटीएलएफ का दावा है कि गैंगरेप की घटना राजधानी इंफाल से 35 किलोमीटर दूर कांगपोकपी इलाके में हुई.

यह भी पढ़ें: पुलिस ने महिलाओं को किया भीड़ के हवाले, एक का दिनदहाड़े गैंगरेप, निर्वस्त्र घुमाया, पिता और भाई को मार डाला- दिल चीर देगी पीड़िता की आपबीती

पीड़िता ने सुनाई आपबीती

पूरे मामले में पीड़िताओं ने अपनी आपबीती सुनाई है. महिला ने बताया, “पुलिस उस वक्त गांव पर हमले करने वाली भीड़ के साथ थी. पुलिस ने हमें घर के पास से उठाया और थोड़ी दूर ले जाकर भीड़ के पास सड़क पर छोड़ दिया. पुलिस ने हमें भीड़ को सौंप दिया था.”

दोनों पीड़िताओं में से एक ने कहा कि पुलिस ने उन्हें भीड़ के पास छोड़ दिया था. अपनी शिकायत में पीड़ितों ने कहा था कि वहां पांच लोग एक साथ थे. वीडियो में दिखाई देने वाली दो महिलाएं, 50 साल की एक अन्य महिला जिसे निर्वस्त्र किया गया. इसके अलावा एक अन्य महिला के पिता और भाई, जिनके बारे में उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें भीड़ ने मार डाला था.

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह का अजब-गजब बयान

मामले को तूल पकड़ता देख मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी आनन-फानन में स्पष्टीकरण जारी किया. उन्होंने कहा कि ऐसे बहुत सारे केस हुए हैं, आप एक को पकड़ कर क्यों बैठ गए हैं? हैरानी इस बात को लेकर हो रही है कि राज्य के मुख्यमंत्री जो वहां का मुखिया है, उनकी तरफ से ऐसे बयान दिए गए हैं. इससे साफ जाहिर होता है कि और भी इस तरह के कई मामले वहां पर हुए हैं. इसकी शीर्ष स्तर जांच करने की जरूरत है.

-भारत एक्सप्रेस

Rakesh Kumar

Sr. Sub-Editor

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