भारत सरकार ने इंटीग्रेटेड कोल लॉजिस्टिक्स प्लान के तहत वित्त वर्ष 2030 तक कोयले का उत्पादन 1.5 बिलियन टन तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है. 2024 के कैलेंडर वर्ष में, 15 दिसंबर तक कोयले का उत्पादन 988.32 मिलियन टन (एमटी) तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.66 प्रतिशत अधिक है. इसी अवधि में कोयले की आपूर्ति भी 963.11 एमटी रही, जिसमें 6.47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
पावर सेक्टर को 792.958 एमटी कोयला मिला, जो 5.02 प्रतिशत अधिक था. वहीं नियमित क्षेत्र से बाहर (नॉन-रेगुलेटेड सेक्टर, NRS) को कोयले की आपूर्ति में 14.48 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि हुई और यह 171.236 एमटी तक पहुंच गई.
कोयला मंत्रालय ने मिशन कोकिंग कोल के तहत 2030 तक घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन को 140 मिलियन टन तक ले जाने का लक्ष्य रखा है. वित्त वर्ष 2023-24 में 66.821 एमटी कोयला उत्पादन हुआ, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 77 एमटी का लक्ष्य रखा गया है.
इस दिशा में उठाए गए प्रमुख कदमों में पुरानी वॉशरियों का आधुनिकीकरण (BCCL और CCL के तहत), पुरानी वॉशरियों का निजीकरण करके दक्षता बढ़ाना, और 14 कोकिंग कोल ब्लॉकों की नीलामी शामिल है. इन ब्लॉकों में उत्पादन 2028-29 तक शुरू होने की उम्मीद है.
2024 में कोयला मंत्रालय ने एनआरएस ई-नीलामी (VIIवें चरण) में 17.84 एमटी कोयला बुक किया. इसके अलावा, SHAKTI B(VIII-A) नीति के तहत चार चरणों की नीलामी में 23.98 एमटी कोयले की बुकिंग हुई. कोयला गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए नया मूल्य निर्धारण तंत्र लागू किया गया है. इसके तहत, अगले सात वर्षों में चालू होने वाली परियोजनाओं पर ROM मूल्य लागू होगा.
कोयला मंत्रालय ने माइन क्लोजर पोर्टल लॉन्च किया है, जिसे CMPDI और CIL ने विकसित किया है. यह पोर्टल बंद हो रही खदानों की निगरानी करेगा. साथ ही, नेशनल कोल माइन्स सेफ्टी रिपोर्ट पोर्टल शुरू किया गया है, जिससे खनन कार्यों में सुरक्षा बढ़ेगी और दुर्घटनाएं कम होंगी.
1 जनवरी से 18 दिसंबर 2024 के बीच, कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की सहायक कंपनियों के लिए 16,838.34 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की गई. पीएम गतीशक्ति पोर्टल पर 2,57,000 हेक्टेयर भूमि का डेटा अपलोड किया गया है.
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2024 में कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और एनएलसी इंडिया लिमिटेड (NLCIL) के तहत विभिन्न पदों के लिए 13,341 नियुक्ति पत्र जारी किए गए. यह कोयला क्षेत्र में रोजगार सृजन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. कोयला मंत्रालय के ये प्रयास न केवल कोयला उत्पादन और आपूर्ति में वृद्धि कर रहे हैं, बल्कि पारदर्शिता, सुरक्षा और रोजगार सृजन में भी नए आयाम जोड़ रहे हैं. 2030 तक 1.5 बिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक प्रगति में अहम भूमिका निभाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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