ऑपरेशन सिंदूर के तहत इन 9 ठिकानों पर भारतीय सेना ने किया हमला.
भारत ने अपनी सैन्य ताकत का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंक के गढ़ों पर निर्णायक वार किया. भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना की संयुक्त कार्यवाही में 9 से अधिक प्रमुख आतंकी ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया. इस ऑपरेशन का उद्देश्य पाकिस्तान की ज़मीन पर छुपकर भारत के खिलाफ साजिशों को अंजाम दे रहे आतंकवादी संगठनों को समाप्त करना था.
ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के माध्यम से भारतीय सेना ने न केवल आतंकवाद के खिलाफ अपनी शक्ति और संकल्प को साबित किया, बल्कि यह भी साफ किया कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद अब भारत के लिए असहनीय हो चुका है. भारतीय सेनाओं की यह कार्रवाई एक संजीवनी साबित हुई, जो आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत और निर्णायक कदमों को दर्शाती है.
ऑपरेशन सिंदूर के तहत प्रमुख आतंकी ठिकानों पर हुआ हमला:
1.मर्कज़ सुब्हान अल्लाह, बहावलपुर, पंजाब (जैश-ए-मोहम्मद)
•पुलवामा हमले की साजिश यहीं से रची गई थी. यह जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख संचालन मुख्यालय था, जहां आतंकी हमलों की योजना बनाई जाती थी. अब यह ठिकाना मलबे में तब्दील हो चुका है.
•लश्कर-ए-तैयबा का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण प्रशिक्षण केंद्र. 2000 में स्थापित इस केंद्र को भारत ने अपनी शक्ति से चूर-चूर कर दिया. यह लश्कर के आतंकियों की ‘आलमा मेटर’ था.
•जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ का प्रमुख रास्ता. एक सरकारी अस्पताल की आड़ में आतंकी गतिविधियाँ चल रही थीं, जिसे भारतीय सेनाओं ने ध्वस्त कर दिया.
•सरकारी अस्पताल के पास स्थित यह केंद्र हिजबुल मुजाहिदीन द्वारा संचालित था. पाकिस्तान की ISI का संरक्षण प्राप्त यह केंद्र अब खत्म हो चुका है.
•पुंछ-राजौरी-रेसी क्षेत्र में घुसपैठ और हथियारों की आपूर्ति का प्रमुख केंद्र. भारतीय सेनाओं ने इसे अपनी सटीक कार्रवाई से उड़ा दिया, जिससे पाकिस्तान में घुसपैठ की उनकी योजना धराशायी हो गई.
•कोटली मिलिट्री कैंप के नजदीक स्थित यह जैश का प्रमुख केंद्र था, जहां आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी. भारत ने इसे अपनी ताकत से ध्वस्त कर दिया.
•यह हिजबुल का पुराना प्रशिक्षण केंद्र था, जो महुली पुली से लगभग 2.5 किलोमीटर दूर स्थित था. पहाड़ी इलाके में स्थित इस कैंप में आतंकियों को प्रशिक्षण दिया जाता था. अब यह पूरी तरह नष्ट हो चुका है.
•लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख भर्ती और प्रशिक्षण केंद्र. यह कैंप 2000 के दशक से सक्रिय था और आतंकियों की भर्ती, पंजीकरण और प्रशिक्षण का काम करता था. भारतीय सेना ने इसे पूरी तरह से समाप्त कर दिया.
•यह कैंप जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख ठिकाना था, जहां आतंकियों को प्रशिक्षण और संचालन की योजना बनाई जाती थी. भारतीय वायुसेना ने इस केंद्र को सटीक तरीके से निशाना बनाया.
ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की सेना की ताकत और प्रतिबद्धता को फिर से दुनिया के सामने पेश किया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना प्रमुखों से संपर्क कर इस सफलता पर बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे ही दृढ़ कदम उठाने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ यह केवल शुरुआत है, और भारत अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा.
भारत ने इस हमले के दौरान पूरी सावधानी बरती, जिससे किसी भी निर्दोष नागरिक को नुकसान न पहुंचे. यह दिखाता है कि भारत अब आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह तैयार है.
-भारत एक्सप्रेस
1943 के बंगाल अकाल में लाखों लोगों ने भूख और कुपोषण के कारण अपनी जान…
Pawan Hangman on Saurabh Rajput murder convicts death sentence: मेरठ के सौरभ 'नीला ड्रम' हत्याकांड…
Jharkhand 108 ambulance workers protest Ranchi: रांची में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने बकाया वेतन और…
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थ ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 के तहत प्रस्तावित विकास परियोजनाओं…
उन्नाव में लखनऊ-कानपुर हाईवे पर स्कूली बच्चों से भरी एसी बस में अचानक आग लग…
दिल्ली दंगों से जुड़े दयालपुर मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व…