फोटो-सोशल मीडिया
Rajasthan Politics: डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के बाद भजनलाल सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इसी के बाद से ये सवाल लगातार खड़े हो रहे थे कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो उन्हें इस्तीफा देना पड़ा तो वहीं एक कार्यक्रम में उन्होंने इसकी वजह बताई है.
मालूम हो कि राजस्थान में मीणा हाईकोर्ट काफी मशहूर है जो मीणा समाज की एक पंचायत है. राजस्थान के दौसा में स्थित मीणा हाईकोर्ट एक पंचायत है जहां हर साल समाज के लोग दलगत राजनीति से हटकर एकजुट होता है और समाज के हित को लेकर चर्चा होता है. बता दें कि 9 अगस्त को 30 साल पुराने मीणा हाईकोर्ट का सालाना कार्यक्रम आयोजित हुआ.
मालूम हो कि इस मीणा हाईकोर्ट का नेतृत्व भाजपा के वरिष्ठ नेता किरोड़ी लाल मीणा ही करते आए हैं. 9 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में भी उन्होने हिस्सा लिया. मीडिया सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम के दौरान उनका दर्द भी छलक गया और उन्होंने अपने दिल की बात सभी के सामने बयां कर दी. इस मौके पर उन्होंने इस्तीफा देने की वजह भी बताई.
मालूम हो कि लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देने की प्रतिज्ञा ली थी और कहा था कि अगर वह दौसा लोकसभा सीट समेत जिम्मेदार 7 सीटों में किसी पर भी हारे तो वह मंत्री पद छोड़ देंगे. चुनाव परिणाम सामने आने के बाद उन्हें 5 सीटों पर शिकस्त मिली. इसी के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया. हालांकि इस्तीफे पर अभी पूरी तरह से फैसला नहीं हुआ है और ये मामला पार्टी स्तर पर अभी लटका पड़ा है.
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इस मौके पर किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि 45 साल जहां मैंने सेवा दी उन लोगों ने मेरी बात नहीं मानी इसलिए भजनलाल सरकार में मंत्री पद को ठोकर मार दी.” इसके बाद उन्होंने इस मामले में आगे बोलने के बजाए कोटे में कोटा का मुद्दा उठाया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला लिया वह सही है. इस फैसले से उन्हें परेशानी है जिन्होंने आरक्षण का लाभ ले लिया है. उन्होंने आगे कहा कि आरक्षण का लाभ किरोड़ी लाल मीणा ने तो ले लिया. उसके परिवार को भी मिल गया लेकिन उसके घर के पड़ोस में जो गरीब रह रहा है. उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है. ये फैसला उन लोगों के लिए है. लोग कहते हैं कि आरक्षण और मीणा हाईकोर्ट बिल्डिंग बनाने में माल कमाई कर रहा है. सीना चीरकर तो दिखा नही सकता क्योंकि मैं हनुमान जी नहीं हूं, लेकिन अगर आरक्षण छेड़छाड़ हुई तो सीना छलनी करवा लूंगा लेकिन आरक्षण से छेड़छाड़ नहीं होने दूंगा.
इस मौके पर किरोड़ी लाल मीणा ने 100 गरीब छात्रों को मीणा के खर्चे पर शिक्षा दिलाने का फैसला लिया है. इसी के साथ ही उन्होंने घोषणा की कि मीणा हाईकोर्ट 100 गरीब बच्चों का खर्चा उठाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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