सफेद चावल से कितना बेहतर है काला चावल? जानिए सच्चाई
शिवराज सिंह चौहान (फोटो फाइल)
Shivraj singh Political Future: मध्यप्रदेश का मोहन यादव को मुख्यमंत्री घोषित करते ही सीएम पर सस्पेंस खत्म हो गया है. वहीं अब शिवराज सिंह चौहान का प्रदेश की राजनीति में क्या रोल होने वाला है. इसकी अटकलें लगना शुरू हो गई हैं. लाड़ली बहना योजना से बीजेपी को प्रदेश में काफी फायदा हुआ था. इसके बाद भी मामा शिवराज को सीएम पद नहीं मिला है. अब शिवराज की आगे की रणनीति क्या हो सकती है. इस चर्चा की जा रही है. क्या वह अब प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहेंगे या नहीं. इस पर खैर अभी कोई बड़ा खुलासा नहीं हुआ है. हालांकि अब ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान अब उनको दिल्ली बुला सकता है. लेकिन शिवराज ने पहले कहा था कि वह दिल्ली नहीं जाना चाहते हैं
शिवराज ने दिल्ली नहीं जाने के पीछे की वजह को भी बताया था. उन्होंने कहा था कि यह समय अभी दिल्ली जाने का नहीं बल्कि छिंदवाड़ा जाने है. बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी छिंदवाड़ा की सीट हार गई थी.
पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में 28 सीट पर जीत हासिल की थी. लेकिन पार्टी छिड़वाड़ा की सीट हार गई थी. ऐसे में शिवराज सिंह चौहान 2024 के लोकसभा चुनाव में छिंदवाड़ा सीट पर बीजेपी को जीत दिलाकर पीएम मोदी को तोहफा दे सकते हैं. शायद इसलिए उन्होंने दिल्ली जाने की मना करते हुए छिंदवाड़ा जाने की बात कही थी. इसके अलावा सीएम ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि वह सीएम पद की रेस से बाहर हैं. ऐसे में अटकलें लगाई जाने लगी कि वह दिल्ली बुलाया जा सकता है और केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है.
दरअसल ऐसा इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में अपने कई मंत्रियों को मैदान में उतारा था. वहीं जीत के बाद प्रहलाद पटेल और नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसका मतलब है कि वह प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहेंगे. ऐसे में शिवराज को केंद्रीय मंत्री बनाया जा सकता है.
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