राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) के निर्देश का समर्थन किया है. उनका कहना है कि आज के दौर में सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका और उससे जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए इस तरह के नियमों की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी.
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में मनोज झा ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में अगर इन प्लेटफॉर्म्स के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और मजबूत व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो आने वाले समय में कई गंभीर समस्याएं खड़ी हो सकती हैं.
मनोज झा ने खास तौर पर चाइल्ड एब्यूज यानी बच्चों के साथ ऑनलाइन दुर्व्यवहार के मामलों को गंभीर बताया. उन्होंने कहा कि यह ऐसा मुद्दा है जिस पर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए. उन्होंने याद दिलाया कि इस विषय को उन्होंने अकेले नहीं, बल्कि कई अन्य सांसदों के साथ मिलकर संसद में उठाया था.
राजद सांसद ने कहा कि उस समय सरकार की ओर से भी इस मामले में जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया गया था. उनका मानना है कि सोशल मीडिया के लिए एक मजबूत और प्रभावी एसओपी तैयार करना समय की मांग है, ताकि गलत इस्तेमाल को रोका जा सके और लोगों, खासकर बच्चों, की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
मनोज झा ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में उसका रवैया उन्हें निराशाजनक लगता है. उनके मुताबिक, दुनिया में शांति और संतुलन बनाए रखने की जगह कई बार बड़े देशों की नीतियां चिंता पैदा करती हैं.
उन्होंने इजरायल और गाजा के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया को इन घटनाओं को गंभीरता से देखने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि युद्ध और हिंसा से सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों और बच्चों को उठाना पड़ता है.
मनोज झा ने संयुक्त राष्ट्र की मौजूदा कार्यप्रणाली पर भी निराशा जताई. उन्होंने कहा कि अगर वैश्विक संस्था प्रभावी तरीके से गलत के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकती, तो उसकी भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है. उनके अनुसार, या तो संयुक्त राष्ट्र को और मजबूत बनाया जाना चाहिए या फिर देशों को उसे इतनी शक्ति देनी चाहिए कि वह निष्पक्ष तरीके से फैसले ले सके.
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले पर भी मनोज झा ने अपनी बात रखी. उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना को एक गिरोह ने अंजाम दिया और धार्मिक आस्था से जुड़े स्थान का गलत इस्तेमाल किया गया.
उन्होंने इस मामले पर उन लोगों की चुप्पी पर सवाल उठाया, जो पहले राम मंदिर को लेकर बड़े-बड़े दावे और प्रचार करते नजर आते थे. मनोज झा ने कहा कि अब ऐसे लोगों को सामने आकर अपनी बात रखनी चाहिए और बताना चाहिए कि वे इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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