दिल्ली पुलिस को मिली कामयाबी
Delhi News: दिल्ली पुलिस ने IGI एयरपोर्ट के कार्गों एरिया में चोरी को अंजाम देने वाले एक रैकेट का पर्दाफाश किया है. इस दौरान पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार कर 17 महंगे मोबाइल फोन और 10 स्मार्टवॉच बरामद किए हैं. इस मामले में पुलिस ने सीआईएसएफ (CISF) के एक एएसआई (ASI), लॉजिस्टिक्स कंपनी के 2 लोडर और एक दुकानदार को गिरफ्तार किया है.
इस मामले की FIR 21 नवंबर 2022 को हॉटस्पॉट रिटेल के सीओ रमेश कुमार ने दर्ज कराई थी. अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी खेप से 19 मोबाइल फोन (सैमसंग गैलेक्सी 22 और सैमसंग गैलेक्सी 22 प्लस) चोरी हो गए हैं, जिन्हें दुबई भेजा जाना था. लेकिन हवाईअड्डे के कार्गों एरिया से उसको चोरी कर लिया गया. पुलिस ने तब इस मामले में मुकदमा दर्ज किया था और इसकी जांच शुरू की थी.
इस मामले को सुलझाने के लिए इंस्पेक्टर यशपाल सिंह, एसएचओ आईजीआई एयरपोर्ट के नेतृत्व में आईओ/एसआई नवीन मीणा, हेड कॉन्स्टेबल विनोद और कांस्टेबल नितिन की एक टीम गठित की गई थी. चोरी हुए मोबाइल फोन को नियमित सर्विलांस पर रखा गया और उन पर लगातार नजर रखी जा रही थी. कुछ दिनों के बाद कुछ मोबाइल फोन सक्रिय हो गए और उनका पता लगाया गया. जिसके बाद पता चला कि महिपालपुर में एक दुकान से अलग-अलग ग्राहकों को मोबाइल फोन बेचे गए थे.
खुशी कम्युनिकेशंस के मालिक विवेक को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था. पूछताछ में उसने बताया कि सीआईएसएफ (CISF) के एक अधिकारी से औने-पौने दामों पर 5 नए सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल फोन खरीदे थे, जिसकी कार्गो क्षेत्र में ड्यूटी है और महिपालपुर में उसकी दुकान के पास ही रहता है.
इस मामले में सीआईएसएफ अधिकारी बृजपाल सिंह को महिपालपुर से गिरफ्तार किया गया. उसके कब्जे से चोरी का 1 मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसका वह खुद इस्तेमाल कर रहा था. गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान अधिकारी ने बताया कि वह दो लोडरों के संपर्क में था जो हवाई अड्डे के कार्गो क्षेत्र में दिल्ली कार्गो सर्विस सेंटर (DCSC) नाम की एक लॉजिस्टिक कंपनी में काम कर रहे थे. वह उन्हें पिछले 2-3 साल से जानता था. कुछ दिन पहले उन्होंने उससे संपर्क किया और उसे बताया कि उन्होंने कार्गो से कई मोबाइल फोन चुराए हैं और उन्हें बेचना चाहते हैं. उसने उनसे 6 मोबाइल ले लिए, जिनमें से पांच मोबाइल को उसने महिपालपुर में खुशी कम्युनिकेशंस को 25 हजार रुपए के हिसाब से बेच दिए.
आगे की जांच के दौरान अन्य दोनों आरोपी लोडर अस्वनी कुमार और राकेश को महिपालपुर से गिरफ्तार किया गया और पूछताछ की गई. उन्होंने खुलासा किया कि दोनों ने एक कंसाइनमेंट से 19 मोबाइल फोन की चोरी की थी, जिसे दुबई एक्सपोर्ट किया जाना था. यह चोरी सीआईएसएफ के एएसआई (सह आरोपी) बृजपाल सिंह की मिलीभगत से की गई थी. दोनों ने बताया कि उन्होंने बृजपाल सिंह को 06 मोबाइल फोन बेचे थे और बाकी मोबाइल फोन अपने साथियों को दिए थे ताकि बाद में उन्हें बेचा जा सके. आरोपी की निशानदेही पर उनके 07 साथियों के पास से 11 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जो उसी कार्गो कंपनी में काम करते थे. इसके अलावा आरोपी राकेश के घर की तलाशी के दौरान 10 स्मार्टवॉच भी बरामद की गईं.
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