बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद युनूस.
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार का तख्ता पलट होने के बाद अंतरिम सरकार का गठन किया गया था. मोहम्मद यूनुस (Mohammad Yunus) को अंतरिम सरकार का मुखिया नियुक्त किया गया था. अब उन्होंने मौजूदा स्थिति को देखते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की इच्छा जाहिर की है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद यूनुस ने कहा है कि जिस तरह से हालात हैं, उसमें राजनीतिक पार्टियों के साथ मिलकर काम करना काफी कठिन हो रहा है.
ढाका में गुरुवार को एडवाइजरी काउंसिल की बैठक के दौरान देश की मौजूदा स्थिति पर मोहम्मद यूनुस ने नाराजगी जताई गई. नेशनल सिटिजन पार्टी के प्रमुख और छात्र नेता नाहिद इस्लाम ने बताया कि मोहम्मद यूनुस के इस्तीफे की खबरें सुबह से चल रही थीं, इसलिए वे उनसे मिलने उनके निवास जमुना पहुंचे.
नाहिद इस्लाम ने बताया कि यूनुस खुद को बंधक जैसा महसूस कर रहे हैं. उनका कहना है कि मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता में वे अपना काम नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब तक सभी राजनीतिक दल आपसी सहमति तक नहीं पहुंचते, तब तक वह सरकार नहीं चला सकते.
इस्लाम का कहना है कि अगर यूनुस (Mohammad Yunus) को किसी भी दल से समर्थन नहीं मिल रहा है, तो उनका पद पर बने रहना बेकार है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर राजनीतिक दल उन्हें हटाना चाहते हैं, तो वह क्यों पद पर टिके रहें जब उन्हें कोई भरोसा ही नहीं दिया जा रहा है.
नाहिद इस्लाम के साथ महफूज आलम ने भी यूनुस (Mohammad Yunus) से मुलाकात की. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमान ने यूनुस को सख्त चेतावनी दी थी कि दिसंबर तक चुनाव कराना होगा.
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सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश और म्यांमार की सीमा पर एक मानवीय गलियारा बनाने की योजना को लेकर सरकार और सेना के बीच टकराव है. बताया गया कि यूनुस सरकार ने अमेरिका के साथ इस पर गुप्त समझौता किया था, जिससे सेना नाराज है.
देश में इस समय विरोध प्रदर्शनों की लहर चल रही है. छात्र संगठनों से लेकर विपक्षी पार्टियां यूनुस (Mohammad Yunus) सरकार के खिलाफ सड़कों पर हैं. प्रमुख विपक्षी दल साल के अंत तक चुनाव कराने की मांग कर रहा है. साथ ही, विपक्षी नेताओं ने महफूज आसिफ और खलीलुर्रहमान को सरकार से हटाने की मांग की है.
गौरतलब है कि पिछले साल 5 अगस्त को प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्तापलट और भारत चले जाने के बाद, 8 अगस्त को मोहम्मद यूनुस को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया था. तब से ही उनका कार्यकाल विवादों और विरोधों से घिरा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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