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नसीम आरफी ‘उर्दू मीडिया पुरस्कार’ के विजेताओं का ऐलान, समारोह 12 अप्रैल को

सीईटीआई फाउंडेशन ने पहले नसीम आरफी ‘उर्दू मीडिया पुरस्कार’ के विजेताओं के नाम घोषित कर दिए हैं. दिल्ली के मशहूर वरिष्ठ पत्रकार कुरबान अली को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा. वे कई भाषाओं में पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. उनकी शानदार सेवाओं को यह सम्मान दिया जा रहा है.

तेलंगाना के उर्दू पत्रकारों में सैयद सज्जादुल हसनैन और मोहम्मद अरशद को चुना गया है. दोनों करीब 30 साल से उर्दू पत्रकारिता में सक्रिय हैं. देश के अन्य हिस्सों से युवा फैक्ट-चेकर मोहम्मद जकारिया (बिहार) और फीचर लेखिका रुशदा शाहीन (दिल्ली) को यह पुरस्कार मिलेगा. इन दोनों ने उर्दू पत्रकारिता में बेहतरीन काम किया है.

पत्रकार नसीम आरफी की याद में पुरस्कार

सीईटीआई फाउंडेशन के बयान के मुताबिक, यह पुरस्कार मशहूर उर्दू पत्रकार स्वर्गीय नसीम आरफी की याद में शुरू किए गए हैं. उन्होंने 50 साल से ज्यादा उर्दू पत्रकारिता को समर्पित किया. फाउंडेशन अगले दस साल तक हर साल यह पुरस्कार देगा.

विजेताओं का चयन अनुभवी पत्रकारों, शिक्षकों और बुद्धिजीवियों की एक टीम ने किया. हर विजेता को 15,000 रुपये और प्रशस्ति पत्र मिलेगा. विशेष पुरस्कार सम्मान के रूप में होगा. पुरस्कार समारोह 12 अप्रैल 2025 को शाम 4:30 बजे होगा. यह आयोजन हैदराबाद के फतेह मैदान आबिद्स में तेलंगाना स्टेट यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स भवन में होगा.

तेलंगाना सरकार के मीडिया अकादमी के अध्यक्ष के. श्रीनिवास रेड्डी समारोह की अध्यक्षता करेंगे. ईनाडु ग्रुप के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक च. करोन मुख्य अतिथि होंगे. कई जानी-मानी हस्तियां भी शामिल होंगी. इस मौके पर पैनल चर्चा भी होगी.

प्रो. सैयद बशारत अली ने क्या कहा?

सीईटीआई फाउंडेशन के संस्थापक ट्रस्टी प्रो. सैयद बशारत अली ने कहा, “ये पुरस्कार उन पत्रकारों को सम्मान देने के लिए हैं जो सच, ईमानदारी और विविधता के साथ उर्दू पत्रकारिता करते हैं. हमारा लक्ष्य नई पीढ़ी को प्रेरित करना और उर्दू पत्रकारिता का स्तर ऊंचा करना है.”

सीईटीआई फाउंडेशन एक स्वैच्छिक संगठन है. यह कमजोर समुदायों के विकास के लिए काम करता है. इसे 1980 में बशीरुद्दीन बाबू खान, सैयद अब्दुल वली कादरी और प्रो. एम.एन. अफजल ने शुरू किया था. 2011 में इसे आधिकारिक तौर पर सीईटीआई फाउंडेशन के नाम से रजिस्टर किया गया. प्रो. सैयद बशारत अली इसके पहले प्रबंध ट्रस्टी हैं.


ये भी पढ़ें- तेलंगाना के भद्राद्री कोट्टागुंडम जिले में 86 माओवादियों का सामूहिक आत्मसमर्पण, आदिवासी क्षेत्रों में शांति स्थापना की दिशा में ऐतिहासिक कदम


-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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