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NEET Paper Leak Protest: पेपर लीक मामले पर शिक्षकों ने तोड़ी चुप्पी, आंदोलन से पहले रखी अपनी बात

NEET paper leak Nawada teachers appeal: NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रस्तावित आंदोलन से पहले बिहार के नवादा में शिक्षकों ने अपनी प्रतिक्रिया सार्वजनिक की है. पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिक्षकों ने कहा कि इस पूरे मुद्दे पर जिला पदाधिकारी (DM) के साथ पहले ही विस्तृत बैठक हो चुकी है. बैठक में छात्रों की चिंताओं, परीक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई. शिक्षकों ने कहा कि छात्रों और अभ्यर्थियों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए, क्योंकि परीक्षा से जुड़ी किसी भी अनियमितता का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी विरोध-प्रदर्शन को पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाना चाहिए.

छात्रों के हित सर्वोपरि, लेकिन कानून का पालन जरूरी

शिक्षकों का कहना है कि छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और पेपर लीक जैसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहे. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने जैसी गतिविधियां छात्रों के हित में नहीं होंगी. ऐसे कदम आंदोलन के उद्देश्य को कमजोर कर सकते हैं और आम लोगों को भी परेशानी में डाल सकते हैं.

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अभ्यर्थियों से संयम बरतने की अपील

शिक्षकों ने सभी अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि अपनी मांगों को संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन के सामने रखें. उनका मानना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन से छात्रों की बात अधिक प्रभावी ढंग से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी.

प्रशासन पर जताया भरोसा

शिक्षकों ने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित और न्यायसंगत निर्णय लेंगे. उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है. इसी उद्देश्य से छात्रों, प्रशासन और समाज को मिलकर ऐसा माहौल बनाना चाहिए, जहां शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत हो सके.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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