नीट-यूजी 2026 (NEET-UG) पेपर लीक मामले में सीबीआई (CBI) की एंट्री के बाद बिहार कनेक्शन ने पूरे देश को हिला दिया है. जिसके बाद जांच की सुई अब नालंदा के पावापुरी मेडिकल कॉलेज के एक छात्र उज्जवल राज उर्फ ‘राजा बाबू’ पर जाकर टिक गई है.
दरअसल मामले (NEET Paper Leak) में अब पुलिस और जांच एजेंसियों का दावा है कि राजा बाबू ही वह ‘शातिर दिमाग’ है जिसने मुजफ्फरपुर से लेकर पावापुरी तक सॉल्वर गैंग का जाल बिछा रखा था. हैरानी की बात यह है कि जो शख्स दूसरों का भविष्य तय कर रहा था, वह खुद मेडिकल की पढ़ाई में पिछले 4 साल से फेल हो रहा था.
बता दें कि इस पूरे खेल का पर्दाफाश राजगीर पुलिस की मुस्तैदी से हुआ. राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह के मुताबिक, पावापुरी मोड़ के पास रूटीन चेकिंग के दौरान एक काली स्कॉर्पियो को रोका गया. गाड़ी में सवार युवक खुद को एमबीबीएस सेकेंड ईयर का छात्र बता रहे थे, लेकिन उनकी घबराहट ने पुलिस का शक बढ़ा दिया. तलाशी में गाड़ी से भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ. जब थाने लाकर उनके मोबाइल खंगाले गए, तो उसमें नीट परीक्षा के एडमिट कार्ड, पैसों के लेन-देन के चैट और संदिग्ध दस्तावेजों का ‘खजाना’ मिल गया.
जांच में सामने आया कि मुजफ्फरपुर का रहने वाला उज्जवल राज उर्फ राजा बाबू इस पूरे गिरोह (NEET Paper Leak: Raja Babu) की अहम कड़ी है. वह पावापुरी मेडिकल कॉलेज (भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान) का 2022 बैच का छात्र है. कॉलेज रिकॉर्ड बताते हैं कि वह पढ़ाई में बेहद फिसड्डी था और लगातार फेल हो रहा था.
वहीं जांच एजेंसियों को शक है कि राजा बाबू अपनी मेडिकल जानकारी का इस्तेमाल ‘सॉल्वर’ तैयार करने और छात्रों को ‘गेस पेपर’ के नाम पर ठगने में करता था. फिलहाल राजा बाबू फरार है और सीबीआई उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है.
पुलिस ने पंकज कुमार और अमन कुमार सिंह नाम के दो और मेडिकल छात्रों को गिरफ्तार किया है. पंकज को इस नेटवर्क का मुख्य आरोपी माना जा रहा है. पुलिस का दावा है कि मोबाइल कॉल डिटेल्स से पता चला है कि यह गैंग सीधे तौर पर अभिभावकों और छात्रों के संपर्क में था.
यह मामला (NEET Paper Leak) तब और गंभीर हो गया जब इसे राजस्थान के ‘गेस पेपर’ कांड से जोड़ा गया, जहां परीक्षा से पहले ही 120 सवाल लीक होने का दावा किया गया था. बिहार के इन छात्रों का नेटवर्क राजस्थान से लेकर नासिक तक फैला होने की आशंका है.
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मामला (NEET Paper Leak) उजागर होने के बाद बिहार का प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज BMIMS अब इस विवाद के केंद्र में है. जिस कॉलेज का कटऑफ जनरल कैटेगरी के लिए 14 से 16 हजार के बीच रहता है, वहां के छात्रों का पेपर लीक जैसे जघन्य अपराध में शामिल होना सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करता है.
वहीं 23 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला यह ‘राजा बाबू’ और उसका गिरोह अब सीबीआई के रडार पर है. पुलिस का मानना है कि राजा बाबू की गिरफ्तारी के बाद कई ‘बड़े चेहरों’ के नाम सामने आ सकते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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