देश

‘ड्रोन से गिरे थे चीनी ग्रेनेड और…’, पहलगाम हमले को ऐसे दिया गया अंजाम, NIA की चार्जशीट में खुला कौन सा बड़ा राज?

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में पिछले साल हुए आत्मघाती और कायरतापूर्ण आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कोर्ट में एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज चार्जशीट दाखिल की है. एनआईए के इन पन्नों की चार्जशीट में सरहद पार बैठे पाकिस्तानी आकाओं और घाटी में छिपे उनके गुर्गों के बीच फैले खूनी नेटवर्क का ऐसा पर्दाफाश हुआ है, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है.

जांच में साफ हुआ है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बायसरन में 26 बेगुनाह लोगों की जान लेने के लिए हथियारों की सप्लाई किसी पारंपरिक रास्ते से नहीं, बल्कि सीधे पाकिस्तान से अत्याधुनिक ड्रोन के जरिए की गई थी.

बारामुला तक ड्रोन से पहुंचे थे 20 पिस्टल

एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक, नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय सेना की कड़क चौकसी के कारण बौखलाए आतंकी आकाओं ने अब ड्रोन टेक्नोलॉजी का सहारा लेना शुरू कर दिया है. चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि हमले से पहले गोगल दारा के घने जंगलों में ड्रोन के जरिए आतंकियों के लिए 20 अत्याधुनिक पिस्टल, चीनी ग्रेनेड और ₹15 लाख की भारी-भरकम नकदी गिराई गई थी.

इस खेप को बारामुला के रास्ते बेहद शातिर तरीके से पहलगाम तक पहुंचाया गया था, जिसका इस्तेमाल कर आतंकियों ने बायसरन में अंधाधुंध गोलीबारी कर 26 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था.

स्थानीय माहौल में घुल-मिल गए थे हमलावर

सुरक्षा विशेषज्ञों और एनआईए की जांच में एक और बड़ा और चिंताजनक पहलू सामने आया है. चार्जशीट के अनुसार, हमले में शामिल खूंखार आतंकी बिना किसी की नजर में आए ऊंचे पहाड़ों और शहरी इलाकों से गुजरे थे. उन्होंने हमले को अंजाम देने से पहले स्थानीय माहौल में खुद को पूरी तरह घुला-मिला लिया था ताकि किसी को शक न हो.

विशेषज्ञों का दावा है कि जमीनी खुफिया जानकारी (Human Intelligence) की कमी और केवल तकनीकी इनपुट पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता के कारण आतंकी इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने में कामयाब रहे.

ये भी पढ़ें: ‘महाराष्ट्र बंगाल छोड़िए, समूची सपा भाजपा में होगी शामिल…’, राजभर का बड़ा दावा; क्या रामगोपाल ने अमित शाह को सौंपी बगावत की चिट्ठी?

हमले के बाद भारत का महा-ऐक्शन

इस दर्दनाक हमले के बाद भारतीय सेना और खुफिया एजेंसियों ने आतंकियों के खात्मे के लिए एक बड़ा और आक्रामक काउंटर-ऑपरेशन शुरू किया था, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय जांबाजों ने न सिर्फ घाटी में छिपे हमलावरों को मिट्टी में मिलाया बल्कि सीमा पार एक्टिव आतंकी बुनियादी ढांचे और लॉन्च पैड्स को भी पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया था. एनआईए की यह चार्जशीट अब इस बात का पुख्ता कानूनी दस्तावेज बन चुकी है कि कैसे पाकिस्तान भारत में अस्थिरता फैलाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

Recent Posts

आजम खान पर ईडी का बड़ा शिकंजा: जौहर यूनिवर्सिटी की ₹426.46 करोड़ की संपत्ति कुर्क, मार्केट प्राइस ₹1,170 करोड़!

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सपा नेता आजम खान और मौलाना मोहम्मद…

16 minutes ago

मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 का रीडेवलपमेंट: 60 साल पुरानी इमारत की जगह होगा अत्याधुनिक ‘गेटवे’, सालाना 2 करोड़ यात्रियों की क्षमता

छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (CSMIA) ने टर्मिनल 1 (T1) के पुनर्विकास की पहली कलात्मक…

30 minutes ago

अंडमान-निकोबार से ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान का आगाज: PM मोदी के संकल्प को साकार करने के लिए LG डॉ. दिनेश शर्मा ने कर्मियों को दिलाई शपथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी उन्मूलन के संकल्प को साकार करने के लिए अंडमान-निकोबार के…

59 minutes ago

ANDAMAN NICOBAR: LG डॉ. दिनेश शर्मा की श्री विजयपुरम में विभागीय समीक्षा बैठक, अफसरों को निर्देश- जनहित के कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं!

श्री विजयपुरम स्थित लोक निवास में उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने सभी विभागों की उच्चस्तरीय…

1 hour ago

‘जाणता राजा’ के ऐतिहासिक महामंचन का 250 कलाकारों के शानदार अभिनय के साथ भव्य समापन, अंतिम दिन भी गाजियाबाद में उमड़ा जनसैलाब

गाजियाबाद के सनसिटी में दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन…

2 hours ago