प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कच्छी समुदाय को आषाढ़ी बीज, यानी कच्छी नववर्ष के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं. अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर कच्छी भाषा में पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने देश-विदेश में बसे कच्छी भाई-बहनों को राम-राम और जिजी-जिजी कहकर बधाई दी. पीएम मोदी ने लिखा,
पीएम मोदी ने कच्छी समुदाय को बधाई देते हुए लिखा, “कौआ कीचड़ भरे पानी में खेलता है, मछली विशाल सागर में विजय प्राप्त करके रहती है, कच्छी द्वीप पर बसे रहते हैं, दीन दीन कच्छ. आज आषाढ़ी के बीज पर, अर्थात् कच्छी के नए वस्त्रों पर, देश और संसार में बसे कच्छी भाई-बहनों ने राम राम और जीजी जीजी कहकर एक-दूसरे को कच्छी के नए वस्त्रों की बधाई दी है.”
કચ્છડ઼ો ખેલે ખલકમેં જીં મહાસાગરમેં મચ્છ, જિતે હિકડ઼ો કચ્છી વસે ઉતે ડીંયા ડીં કચ્છ.
અજ આષાઢી બીજ એટલે કચ્છી નયોં વરેં, દેશ અને દુનિયાંમેં વસંધલ કચ્છી ભા-ભેંણેંકે કચ્છી નયેં વરેંજા રામ રામ અને જિજી જિજી વધાઇયું.— Narendra Modi (@narendramodi) July 16, 2026
इस पोस्ट का अर्थ है कि जहां कच्छी रहता है, वहां कच्छ की खुशबू और संस्कृति फैलती है. उन्होंने आषाढ़ी बीज को कच्छी नववर्ष के रूप में मनाते हुए समुदाय की समृद्धि, सुख-शांति और प्रगति की कामना की. आषाढ़ी बीज का महत्वआषाढ़ी बीज हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को मनाया जाता है. यह कच्छ (गुजरात) का पारंपरिक नववर्ष है, जो मानसून की शुरुआत का प्रतीक है. इस दिन किसान वातावरण में नमी का आकलन करते हैं और आने वाली फसलों का अनुमान लगाते हैं. कच्छी समुदाय इस अवसर पर पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक कार्यक्रम और परिवारिक मिलन-जुलन के साथ उत्सव मनाता है.
कच्छ की सांस्कृतिक धरोहर में आषाढ़ी बीज विशेष स्थान रखता है. रण उत्सव, कच्छ कार्निवल जैसी बड़ी घटनाएं भी इसी भावना से जुड़ी हैं. प्रधानमंत्री मोदी, जो खुद गुजरात से हैं, लंबे समय से इस त्योहार पर समुदाय को बधाई देते आ रहे हैं. उन्होंने कच्छ के विकास, पर्यटन, उद्योग और कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया है. कच्छ का विकास और सांस्कृतिक गौरवकच्छ भारत का सबसे बड़ा जिला है, जो अपनी अनोखी भौगोलिक संरचना, सफेद रण, समुद्री तट और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है. यहां के लोग उद्यमी स्वभाव के लिए जाने जाते हैं.
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दुनिया भर में फैले कच्छी समुदाय ने व्यापार, उद्योग और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है. प्रधानमंत्री के इस संदेश ने समुदाय में नई ऊर्जा भर दी है. सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को व्यापक सराहना मिल रही है. कई कच्छी संगठनों ने इसे साझा करते हुए नववर्ष की शुभकामनाएं दीं. इस अवसर पर कच्छ में सांस्कृतिक कार्यक्रम, जुलूस और उत्सवों का आयोजन हो रहा है. गुजरात सरकार भी क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, जिसमें पर्यटन, नवीकरणीय ऊर्जा और बुनियादी ढांचे पर जोर है.
-भारत एक्सप्रेस
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