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धर्म

Lohargal Surya Kund Pitru Paksha Pind Daan: राजस्थान के लोहार्गल स्थित सूर्यकुंड में पितृपक्ष पर पिंडदान का विशेष महत्व है. महाभारत काल में पांडवों के शस्त्र यहीं गले थे और परशुराम जी ने भी तर्पण किया था.

Ganesh Visarjan 2026:10 दिनों के गणेशोत्सव के बाद 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन किया जाएगा. मुंबई, पुणे और दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा, यातायात और इको-फ्रेंडली विसर्जन के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं.

Padma Ekadashi 2026: पद्मा यानी परिवर्तनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर 2026 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु के करवट बदलने की धार्मिक मान्यता है. मंगलवार और श्रवण नक्षत्र के संयोग के बीच जानें पद्मा एकादशी का व्रत, पारण और हरिवासर व्रत से जुड़े नियम.

Radhashtami Barsana Routes: राधाष्टमी पर बरसाना के श्री लाडली जी मंदिर में महाभिषेक और बधाई गायन के साथ भव्य जन्मोत्सव की शुरुआत हुई है. प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए वन-वे व्यवस्था लागू की है; जानिए दिल्ली-एनसीआर और मथुरा से बरसाना पहुंचने का सही मार्ग व पार्किंग अपडेट.

Radha Ashtami : ब्रजभूमि सहित पूरी दुनिया के कृष्ण-राधा भक्तों के लिए आज महाउत्सव है. यदि आपकी भी आराध्या श्री राधा हैं तो आपकी सुविधा के लिए यहां 10 प्रमुख मंदिरों की सूची दी गई है, जहाँ आज राधा अष्टमी की धूम है.

Santan Saptami Vrat Katha: संतान सप्तमी का व्रत संतान के अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना से किया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के साथ व्रत कथा का पाठ या श्रवण करना शुभ माना जाता है.

Vastu Tips Main Door: वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि के प्रवेश का प्रमुख स्थान माना जाता है. स्वास्तिक, तोरण, जल पात्र, लक्ष्मी चरण और तुलसी जैसे शुभ प्रतीकों को मेन गेट के पास रखने की परंपरा है.

Radha Ashtami: राधाष्टमी पर बरसाना के ब्रह्मांचल पर्वत स्थित राधा रानी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होते हैं. लगभग 500 साल पुराने बताए जाने वाले इस मंदिर को राधा-कृष्ण भक्ति और ब्रज संस्कृति का प्रमुख केंद्र माना जाता है.

Radha Ashtami 2026: ब्रजभूमि अपनी आराध्या, वृषभानु-दुलारी श्रीराधा के प्राकट्योत्सव के लिए पूरी तरह सज चुकी है. इस बार श्रीराधा का 5254वां प्राकट्योत्सव है. राधानगरी बरसाना में जनसैलाब उमड़ रहा है. जानिए कैसे कर सकते हैं दर्शन -

Vishwakarma Puja 17 September Reason: हर साल 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है, लेकिन इस तारीख के पीछे कोई एक सर्वमान्य पौराणिक प्रमाण नहीं मिलता. मान्यता है कि यह पर्व सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश यानी कन्या संक्रांति से जुड़ा है, इसलिए इसकी तारीख लगभग स्थिर रहती है.