आस्था

विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा: क्या आप जानते हैं रथों के 16, 14 और 12 पहियों के पीछे छिपा धार्मिक रहस्य?

Rath Yatra 2026: पुरी के राजा महाप्रभु जगन्नाथ एक बार फिर अपनी मौसी के घर जाने के लिए तैयार हैं. ओडिशा के पुरी में स्थित प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर से आज दुनिया की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक रथयात्रा की शुरुआत होने जा रही है. 12वीं शताब्दी से चली आ रही इस पावन परंपरा का गवाह बनने के लिए देश-विदेश से करीब 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है. मुख्य मंदिर से गुंडीचा मंदिर तक की यह ऐतिहासिक यात्रा करीब 3 किलोमीटर लंबी होती है लेकिन इसका उत्साह पूरी दुनिया में देखा जाता है.

इतनी बड़ी संख्या में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 12 हजार सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया है जबकि 473 सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि की मॉनिटरिंग की जा रही है. वहीं भक्तों की सहूलियत के लिए रेलवे ने 300 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं और पुरी स्टेशन पर खास इंतजाम किए गए हैं. तो आइए भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के भव्य रथों के बारे में कुछ खास बातें जानते हैं, जिनकी एक झलक पाने के लिए भक्त सालभर इंतजार करते हैं.

सबसे आगे चलेगा बड़े भाई बलभद्र का रथ

परंपरा के अनुसार रथयात्रा में सबसे आगे भगवान बलभद्र का रथ चलता है जिसे ‘तालध्वज’ कहा जाता है. लाल और हरे रंग के इस भव्य रथ की ऊंचाई करीब 45 फीट होती है और इसमें 14 पहिये लगे होते हैं. इस रथ के रक्षक स्वयं भगवान वासुदेव हैं और इसके सारथी मातली हैं. रथ पर उन्नानी नाम का ध्वज लहराता है और इसे खींचने के लिए जिस रस्सी का इस्तेमाल होता है उसे वासुकी कहते हैं. इस रथ को खींचने के लिए चार काले रंग के घोड़े छपे होते हैं.

बीच में सुरक्षा के साथ चलेंगी बहन सुभद्रा

दोनों भाइयों के बीच में लाडली बहन सुभद्रा का रथ चलता है जिसे ‘दर्पदलन’ या ‘पद्म रथ’ भी कहा जाता है. लाल और काले रंग के इस खूबसूरत रथ की ऊंचाई लगभग 44.6 फीट होती है और इसमें 12 पहिये लगे होते हैं. देवी सुभद्रा के रथ की रक्षक जयदुर्गा हैं और इनके सारथी महाभारत के महायोद्धा अर्जुन हैं. इस रथ पर ‘नादंबिका’ ध्वज लहराता है और इसे ‘स्वर्णचूड़’ नाम की रस्सी से खींचा जाता है. इस रथ में लाल या भूरे रंग के चार घोड़े लगे होते हैं.

ये भी पढ़ें- नहीं जा पाए पुरी? तो दिल्ली-NCR के इन भव्य मंदिरों में करें भगवान जगन्नाथ के साक्षात दर्शन

सबसे भव्य होगा महाप्रभु जगन्नाथ का नंदीघोष

भक्तों के तारणहार भगवान जगन्नाथ का रथ ‘नंदीघोष’ तीनों रथों में सबसे भारी और बड़ा होता है जो यात्रा में सबसे पीछे चलता है. लाल और पीले रंग के इस विशाल रथ की ऊंचाई करीब 45.6 फीट होती है और इसमें सबसे ज्यादा यानी 16 पहिये लगे होते हैं. महाप्रभु के इस रथ के रक्षक गरुड़ देव हैं और सारथी का नाम दारुक है.

नंदीघोष रथ पर ‘त्रिलोक्यमोहिनी’ ध्वज शान से लहराता है. मान्यता है कि इस रथ को खींचने वाली रस्सी ‘शंखचूड़’ को छूने मात्र से ही इंसान के जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं. इस रथ में शंख, बलाहक, श्वेता और हरिद्वाश नाम के 4 सफेद घोड़े जुते होते हैं.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

Recent Posts

IND vs AFG: अभिषेक शर्मा के VIRAL सेलिब्रेशन की कहानी क्या? पिता ने खुद बताया

IND vs AFG तीसरे T20I में 30 गेंदों में शतक लगाने के बाद अभिषेक शर्मा…

38 minutes ago

मिर्जापुर का भौकाल बरकरार: बड़े पर्दे पर गूंजा ‘गुड्डू पंडित’ का नाम, 300 करोड़ क्लब से बस इतनी दूर

बड़े पर्दे पर उतरी 'मिर्जापुर- द मूवी' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए…

43 minutes ago

एलन मस्क की SpaceX रोजाना अंतरिक्ष में भेज रही करीब 9 सैटेलाइट, जानिए कैसे इतनी तेज हुई लॉन्चिंग

एलन मस्क की SpaceX Starlink नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने के लिए लगातार सैटेलाइट…

54 minutes ago

नेपाल में बेजुबान से क्रूरता: बीमार कुत्ते को नदी में फेंका, वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी महिला गिरफ्तार

नेपाल के बाझांग जिले से जानवरों के प्रति क्रूरता का एक वीभत्स मामला सामने आया…

1 hour ago

11वां व्हाइटस्वान आर्ट फेस्टिवल: कथक नृत्यांगना स्नेहा मुखर्जी ने दी मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुति

11वें व्हाइटस्वान रिस्पॉन्सिबल आर्ट फेस्टिवल में नई दिल्ली की प्रतिष्ठित कथक नृत्यांगना सुश्री स्नेहा मुखर्जी…

2 hours ago