मणिपुर के थौबल जिले के याइरीपोक भामोन लीकाई की अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है. सोलर कंपनी एसएनएल एनर्जी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक मोइरांगथेम सेठ का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा जमीनी स्तर पर काम करने वाले इनोवेटर्स को पहचान देना, असली विकास की सोच को मजबूत करता है.
आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एसएनएल एनर्जी सॉल्यूशंस ग्रामीण घरों के लिए कस्टमाइज्ड ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम देती है और हथकरघा, सिलाई यूनिट और छोटी मशीनों जैसी आजीविका गतिविधियों के लिए सोलर-पावर्ड सॉल्यूशन डिजाइन करती है.
उन्होंने पीएम मोदी द्वारा मणिपुर के चेंजमेकर्स का हाल ही में जिक्र करने को ‘अविश्वसनीय’ बताया और कहा कि यह दूरदराज के इलाकों में शांति के लिए किए जा रहे काम को मान्यता देता है.
सेठ ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना जैसी पहलें सोलर एनर्जी के बारे में जागरूकता फैलाकर और क्लीन पावर सॉल्यूशंस को बढ़ावा देकर उनके संगठन के प्रयासों को पूरा करती हैं, हालांकि उनकी कंपनी मुख्य रूप से ऑफ-ग्रिड ग्रामीण इलाकों में काम करती है.
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाएं और प्राइवेट पहलें दोनों ही हर घर में बिजली पहुंचाने के एक लक्ष्य की ओर काम कर रही हैं. पिछले कुछ सालों में रूफटॉप सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी के बारे में जागरूकता काफी बढ़ी है, और अब लोग बिजली के बिल कम करने के लिए सक्रिय रूप से सोलर सिस्टम अपना रहे हैं.
मोइरांगथेम सेठ ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इस तरह की पहचान पूरे देश के युवाओं को रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टर में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप अपनाने के लिए प्रेरित करती है. मणिपुर की स्थिति पर बात करते हुए, सेठ ने माना कि मौजूदा हालात के कारण आवाजाही पर लगी पाबंदियों से काम प्रभावित हुआ है, लेकिन कहा कि उद्यमी लोकल पार्टनरशिप के जरिए हालात के हिसाब से ढल रहे हैं. उन्होंने शांतिपूर्ण समाधान की अपील की ताकि सामान्य जीवन वापस लौट सके.
युवा इनोवेटर्स के लिए एक मैसेज देते हुए सेठ ने कहा कि चुनौतियां तो आएंगी ही, लेकिन समस्याओं को पहचानना और समाधान की दिशा में काम करने से आखिरकार समाज और देश में सार्थक बदलाव आ सकता है.
बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मणिपुर के एक युवा एंटरप्रेन्योर मोइरांगथेम सेठ की कोशिशों के बारे में बताया, जिन्होंने राज्य के सैकड़ों घरों में सोलर पावर पहुंचाने में मदद की है.
सेठ के काम का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पहल ने दिखाया कि कैसे लोकल सॉल्यूशन दूर-दराज के इलाकों में बिजली की कमी जैसी लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का हल निकाल सकते हैं. उन्होंने कहा, “एक पुरानी कहावत है, ‘जहां चाह, वहां राह.’ मणिपुर के एक युवा ने अपने काम से यह करके दिखाया है.”
ये भी पढ़ें: हिमाचल में कश्मीरी शॉल विक्रेताओं पर हमले, JKSA ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र
-भारत एक्सप्रेस
GeetaVardhan App: बेंगलुरु के 9 साल के वृषवर्धन शर्मा ने प्राचीन शास्त्रों और आधुनिक तकनीक…
Mobile Recharge New Rules: TRAI ने मोबाइल रिचार्ज के नियमों में बदलाव करते हुए 30…
Kartik Sahni Mau: मऊ के 19 वर्षीय कार्तिक सहनी ने 22 दिनों तक लगातार मेहनत…
Pakistan Afghanistan News: संयुक्त राष्ट्र में महिला पत्रकार के तालिबान संबंधी सवाल का जवाब देने…
Weather Update Today: उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से मकान और दीवारें गिरने के चलते…
Bank Strike Postponed 2026: 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल को…