PM Modi ने मन की बात में PM SVANidhi की सफलता बताई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में रेहड़ी-पटरी (Street Vendors) पर छोटा-मोटा कारोबार करने वाली देश की लाखों महिलाओं के सशक्तीकरण की एक बेहद प्रेरणादायक तस्वीर पेश की. पीएम मोदी ने बताया कि केंद्र सरकार की महात्वकांक्षी ‘पीएम स्वनिधि योजना’ (PM SVANidhi Scheme) आज देश की 35 लाख से अधिक गरीब महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन का सबसे बड़ा जरिया बन चुकी है.
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि महिला सशक्तीकरण के इस महत्वपूर्ण पहलू पर उतनी चर्चा नहीं हो पाती है जितनी होनी चाहिए, जबकि यह योजना सीधे तौर पर देश की ग्रामीण व शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है.
प्रधानमंत्री मोदी ने रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के संघर्ष और पीएम स्वनिधि के प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा, “हमारे शहरों और कस्बों की सड़कों पर रोजाना सुबह से शाम तक लाखों महिलाएं सब्जी, फल, चाय, फूल और पूजा सामग्री का ठेला लगाती हैं. सिर्फ थोड़ी सी पूंजी की कमी उनके कारोबार को रोकती थी, लेकिन अब पीएम स्वनिधि योजना से ऐसी लाखों बहनों को नई ताकत मिल रही है.
इस योजना के लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं, यानी पूरे देश में 35 लाख महिलाएं इससे जुड़कर अपना कारोबार आगे बढ़ा रही हैं.”
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों के साथ दो लाभार्थियों की केस स्टडी साझा की, जिन्होंने बिना किसी गारंटी वाले इस लोन का सही इस्तेमाल कर अपनी जिंदगी बदल दी:
बबिता शर्मा (गाजियाबाद): पूजा सामग्री का छोटा सा स्टाल लगाने वाली बबिता को जब पीएम स्वनिधि से बिना गारंटी लोन मिला, तो उन्होंने अपने स्टाल का विस्तार किया. आज सड़क किनारे का उनका छोटा सा स्टाल एक पक्की दुकान में तब्दील हो चुका है.
टीएस निंगम्मा (बेंगलुरु): इडली-डोसा बेचने वाली निंगम्मा ने योजना से मिले सहयोग के बाद अपनी फूड कार्ट को अपग्रेड किया और थोक में सामान खरीदना शुरू किया. आज उनकी आमदनी इतनी बढ़ गई है कि वे अपने तीनों बच्चों को शहर के बेहतरीन स्कूल में अच्छी शिक्षा दे पा रही हैं.
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कोविड-19 महामारी के दौरान रेहड़ी-पटरी वालों की मदद के लिए शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना अनौपचारिक कार्यबल के लिए देश की पहली समर्पित सूक्ष्म-ऋण (Micro-Credit) योजना है:
बिना गारंटी क्रमिक लोन: इसके तहत पहली बार में 15,000 रुपये, दूसरी बार में 25,000 रुपये और तीसरी बार में 50,000 रुपये तक का आसान वर्किंग कैपिटल लोन मिलता है.
ब्याज में छूट और डिजिटल रिवॉर्ड: समय पर भुगतान करने पर 7% की ब्याज सब्सिडी और यूपीआई डिजिटल लेनदेन करने पर ₹30,000 तक का RuPay क्रेडिट कार्ड और कैशबैक की सुविधा भी दी जाती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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