फोटो-सोशल मीडिया
Ram Navami 2024 In Ayodhya: अयोध्या में भव्य राम मंदिर के गर्भगृह में विराजमान होने के बाद रामलला की यह पहली रामनवमी है. इसको लेकर राम मंदिर समिति की ओर से तैयारी तेज कर दी गई है. माना जा रहा है कि राम मंदिर की पहली रामनवमी काफी खास होने वाली है. शनिवार को हुई दूसरे दिन की बैठक में रामनवमी मेले में आने वाली भीड़ को किस तरह नियंत्रित किया जाए, इस पर चर्चा की गई. तो वहीं सुरक्षा को लेकर राम जन्मभूमि पथ से लेकर रामजन्मभूमि परिसर तक फेस रिकग्नाइजेशन (एफआर) सिस्टम वाले कैमरे लगाए जा रहे हैं. मंदिर आने वाले हर एक की पहचान आसानी से संभव हो सकेगी. इस बार रामनवमी 17 अप्रैल को पड़ रही है.
बता दें कि इसी साल 22 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का उद्घाटन किया था और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी. इसी के बाद 23 जनवरी से मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए थे. तभी से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु राम मंदिर दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं. तो वहीं इस बार भव्य मंदिर में विराजमान रामलला की यह पहली रामनवमी है. इसको देखते हुए मंदिर में खास तैयारी की जा रही है. श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि यदि भीड़ में कोई अराजकतत्व प्रवेश करता है तो एफआर सिस्टम से तत्काल उसकी पहचान की जा सकेगी. साथ ही रामनवमी से पहले राम जन्मभूमि पथ के प्रवेश मार्ग से लेकर रामजन्मभूमि परिसर तक बैरीकेडिंग का काम भी पूरा कर लिया जाएगा. मीडिया को जानकारी देते हुए अनिल मिश्र ने आगे कहा कि इस बार स्टेनलेस बैरीकेडिंग लगाई जा रही है. यह बैरीकेडिंग भी होगी और श्रद्धालु यहां बैठकर आराम भी कर सकेंगे. तो वहीं राम नवमी की तैयारियों को लेकर हो रही इस बैठक में राममंदिर के सुरक्षा सलाहकार केके शर्मा भी शामिल रहे. उन्होंने भीड़ नियंत्रण से लेकर यात्री सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की है.
अनिल मिश्र ने तीर्थ यात्रियों की सुविधा को लेकर जानकारी दी कि 10 अप्रैल तक तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र के भूतल का काम पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि 7 हजार नए लॉकर लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है. डॉ. अनिल ने आगे बताया कि परकोटा निर्माण का काम भी तेजी से किया जा रहा है. 825 मीटर लंबे परकोटे में 11 स्थान चयनित कर काम प्रारंभ किया गया है. उन्होंने कहा कि परकोटे का काम मार्च 2025 तक पूरा हो जाएगा. पूरब के तरफ का मुख्यद्वार तैयार हो गया है. दक्षिण दिशा में बेसमेंट का एरिया 70 फीसदी पूरा हो चुका है. उन्होंने बताया कि, पश्चिम व उत्तर दिशा में परकोटे का काम शुरू हो चुका है.
अनिल मिश्र ने भक्तों से अपील करते हुए कहा है कि रामनवमी मेले में भक्त मंदिर आएं लेकिन किसी तरह का सामान लेकर न आएं. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि अलग-अलग तारीखों में आकर रामलला के दर्शन करें. जो भक्त खाली हाथ दर्शन को आ रहे हैं वे असानी से दर्शन प्राप्त कर रहे हैं. बता दें कि राइट्स संस्था अयोध्या की भीड़ को लेकर सर्वेक्षण कर रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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