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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिली संदेशखाली की पीड़िताएं, बोलीं- शाहजहां के गुर्गे आज भी खुले घूम रहे, बच्चों को जान से मारने की धमकियां मिल रही

Sandeshkhali victims met President Draupadi Murmu: पश्चिम बंगाल के संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं ने आज अपनी पीड़ा राष्ट्रपति के समक्ष बयां की. पश्चिम बंगाल के उत्तर चौबीस परगना जिले के संदेशखाली में रहने वाली आदिवासी और दलित समाज की महिलाओं ने बाद में कॉस्टिट्यूशन क्लब में मीडिया के सामने आकर वहां के हालात के बारे में जानकारी दी.

पीड़ित महिलाओं का आरोप हैं कि बीते कई वर्षों से टीएमसी का नेता शाहजंहा शेख और उसके साथी दलित आदिवासी महिलाओं का सामाजिक,आर्थिक और शारीरिक शोषण करते रहे हैं। अगर कोई महिला उनका विरोध करती है तो उसके परिवार के लोगों के साथ मारपीट की जाती है और उनके बच्चों की हत्या की धमकी दी जाती है। पीड़ित महिलाओं का कहना था कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, अनुसूचित जाति आयोग और महिला आयोग की टीम ने भी संदेशखाली का दौरा कर उन्हें इंसाफ दिलाने का वादा किया मगर राज्य सरकार के आश्रय के कारण शेख़ शाहजहाँ के गुर्गे आज भी खुले में घूम रहे हैं।

बयान नहीं बदला तो परिवार के लोगों की हत्या कर दी जाएगी

पीडिताओं का कहना था कि शाहजहां शेख को भले ही सीबीआई ने हिरासत में ले लिया हो मगर उसके दो भाई सिराज शेख और आलमगीर लगातार पीडिताओं को धमकी दे रहे हैं कि मीडिया और न्यायपालिका में मामला ठंडा पड़ने के बाद उन्हें कौन सहारा देगा. अगर उन्होंने अपना बयान नहीं बदला तो उनके परिवार के लोगों की हत्या कर दी जाएगी. पीडित महिलाओं ने मांग रखी कि शाहजहां शेख के दोनों भाईयों को भी सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया जाए और संदेशखाली में भयमुक्त वातावरण का निर्माण किया जाए.

दलित और आदिवासी समाज की महिलाओं ने आरोप लगाया कि शाहजहां शेख ने संदेशखाली के आसपास इस तरह का माहौल बना रखा हैं कि पुलिस और प्रशासन के लोग भी उसी के इशारे पर काम करते हैं. आदिवासियों की जमीन कब्जाना और उन्हें बंधक बना कर रखना शाहजहां शेख के आदमियों का काम है. उसके खिलाफ अगर कोई आवाज उठाता है तो टीएमसी के गुंडे उसके साथ मारपीट करते है और हथियार दिखा कर जान से मारने की धमकी देते हैं.

टीएमसी सरकार अपराधियों को बचाने में लगी है

संदेश खाली से पांच महिलाओं ने दिल्ली आकर राष्ट्रीय मीडिया के साथ बातचीत करने का साहस दिखाया. उनका कहना है कि सीबीआई इस मामले में टीएमसी के नेताओं और शाहजहां शेख के भाईयों को भी गिरफ्तार करें तभी उनके अंदर इंसाफ की उम्मीद पैदा होगी. पीडित महिलाओं का कहना था कि उनके छोटे बच्चों और परिवार वालों को लगातार हत्या की धमकी मिल रही है और राज्य सरकार उनकी मदद करने के बजाय अपराधियों को ही बचाने में लगी है. इसका सबसे बड़ा सबूत यह है कि उन्होंने एससी-एसटी को उत्पीड़न से बचाने के लिए आवश्यक प्रिवेंशन ऑफ़ एट्रोसिटीज़ एंड प्रोटेक्शन ऑफ़ सिविल राइट्स एक्ट की धाराएं भी आरोपियों पर नहीं लगाई हैं.

Rakesh Choudhary

राकेश चौधरी भारत एक्सप्रेस वेबसाइट में सीनियर कंटेट राइटर के पद कार्यरत हैं। पिछले 6 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में काम कर रहे हैं। मूलरूप से जोधपुर (राजस्थान) के रहने वाले हैं। दिल्ली से पत्रकारिता और पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2018 में अमर उजाला डिजिटल (नोएडा) से की। इसके बाद समाचार प्लस, दैनिक जागरण, Inshorts मीडिया, News 24 और डीडी स्पोर्ट्स में भी अपनी सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रहने हुए पाॅलिटिकल बीट पर काम किया।

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