नेताओं ने महिलाओं पर दिए विवादित बयान.
दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है. 5 फरवरी को मतदान होगा और 8 फरवरी को वोटों की गिनती होगी. ऐसे में अब सभी राजनीतिक दल जीत का परचम लहराने के लिए इस चुनावी समर में उतर चुके हैं. चुनावी सरगर्मियों के बीच जुबानी जंग भी जारी है. नेता एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. हालांकि इस दौरान महिलाओं को लेकर तमाम ऐसे विवादित बयान भी दिए जा रहे हैं, जो बखेड़ा खड़ा कर रहे हैं. ये कोई पहला मौका नहीं है, जब भद्दे कमेंट किए जा रहे हैं. इससे पहले भी नेताओं ने महिलाओं को लेकर खूब टिप्पणियां कीं, जिसपर बवाल हुए.
हाल ही में बीजेपी के कालकाजी विधानसभा सीट से उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने प्रियंका गांधी और सीएम आतिशी सिंह को लेकर बयान दिया, जिसपर कांग्रेस ने विरोध जताते हुए माफी की मांग की. आइये आपको ऐसे ही महिलाओं पर दिए गए विवादित बयानों के बारे में बताएंगे, जिनकी वजह से सियासी गलियारों में जमकर हंगामा हुआ.
उत्तर प्रदेश के दिवंगत समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने साल 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए रेप पर विवादित बयान दिया था, उन्होंने रेप जैसे संगीन अपराध के लिए मुत्युदंड दिए जाने का भी विरोध किया था. मुलायम सिंह ने कहा था, लड़कियां पहले लड़कों से दोस्ती करती हैं और जब दोनों के बीच झगड़े होते हैं,तो लड़कियां उसे रेप का नाम दे देती हैं, आखिर लड़के हैं, लड़कों से गलती हो जाती है. क्या इसके लिए फांसी दे दी जाएगी?
अपने बयानों को लेकर हमेशा विवादों में रहने वाले मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने साल 2013 में तत्कालीन सांसद मीनाक्षी नटराजन पर टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने मीनाक्षी नटराजन को 100 टका टंच माल कहा था.उनके इस बयान को लेकर खूब विवाद हुआ था.
2019 के आम चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार गोपाल शेट्टी ने फिल्म अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर पर ओछी टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि उर्मिला मातोंडकर एक सेलिब्रिटी हैं, इसलिए उनके चेहरे को देखकर ही लाया गया है, इसमें किसी को बुरा लगने वाली कोई बात नहीं है.
2015 में गोवा में नर्सें अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही थीं, तब तत्कालीन सीएम लक्ष्मीकांत पारसेकर ने नर्सों को लेकर कहा था कि नर्स धूप में धरना-प्रदर्शन कर रही हैं, इसलिए उनकी शादी में परेशानी आएगी.
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साल 2008 में दिल्ली की तत्कालीन सीएम शीला दीक्षित ने पत्रकार सौम्या विश्वनाथन के मर्डर को लेकर एक विवादित बयान दिया था. शीला दीक्षित ने कहा था कि सौम्या की हत्या दुखद है, लेकिन महिलाओं को रात में बहुत ज्यादा हिम्मत नहीं दिखानी चाहिए.
-भारत एक्सप्रेस
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