कैबिनेट मंत्री संजय निषाद (फोटो ट्विटर)
Deoria Murder Case: जमीन विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में हुई 6 हत्याओं के बाद यहां पर सियासत तेज हो गई है. इस घटना को लेकर लगातार नेताओं के बीच बयानबाजी जारी है. आज यानी सोमवार को पीड़ित परिवार से मिलने के लिए फतेहपुर गांव सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी जाने वाले हैं. इस पर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. रविवार को इस घटना की निंदा करते हुए अखिलेश यादव पर हमला बोला और कहा कि “वो पिछड़ों के बड़े नेता है. उन्हें वहां जाना चाहिए, लेकिन उन्होंने पिछड़ों के नाम पर वोट तो सबसे लिया और नौकरी सिर्फ अपने ही लोगों को दी.”
देवरिया हत्याकांड की निन्दा करते हुए कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि देवरिया जैसी घटना नहीं होनी चाहिए. यह विभत्स घटना है और मैं इसकी निन्दा करता हूं. इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह की घटना न हो, इसके लिए हम कदम उठाएंगे. साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि वो इस घटना की जांच करा रहे हैं, ये जांच का विषय है और जांच एक स्वतंत्र एजेंसी करती है. इसी के साथ संजय निषाद ने कहा कि “संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत घटना की जांच कराई जा रही है. जांच में जो भी रिपोर्ट सामने आएगी, चाहे वो कितना ही बड़ा रसूखदार क्यों न हो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.”
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव के फतेहपुर पहुंचने से पहले मंत्री संजय निषाद ने उनके ऊपर एक सवाल दागा है और कहा है कि “अखिलेश यादव को देवरिया जाना चाहिए, पिछड़ों के नेता हैं, बड़ी पार्टी के अध्यक्ष हैं, लेकिन एक बात कहना चाहूंगा कि पिछड़ों के नाम पर उन्हें सबने वोट दिया था पर उन्होंने नौकरी सिर्फ अपने लोगों को ही दी.” संजय निषाद ने अखिलेश को सलाह देते हुए आगे कहा कि “निषाद तो कहीं है नहीं, खोजने पर कोई चपरासी भी नहीं मिलता, दूसरी जातियों का हिस्सा लूटकर राजनीति करना ठीक नहीं है.” संजय निषाद ने ये भी कहा कि “सामाजिक न्याय की रिपोर्ट कहती है कि मिल्क मैन की संख्या ज्यादा है, लेखपाल कानूनगो से लेकर तहसीलदार तक जब वही रहेगा तो इस तरह की गलतियां निश्चित होंगी.”
बता दें कि दो अक्टूबर को देवरिया के फतेहपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर प्रेमचंद यादव और सत्यप्रकाश दुबे के बीच विवाद हुआ था. इसी दौरान प्रेमचंद यादव की मौत हो गई इस पर यादव पक्ष के लोग लाठी-डंडा और बंदूक लेकर दुबे परिवार पर हमला बोल दिया. इस घटना में सत्याप्रकाश दुबे सहित उनकी पत्नी और उनकी दो बेटियों के साथ एक बेटे की हत्या कर दी गई थी. फिलहाल इस घटना में पुलिस जांच कर रही है. अभी तक 21 लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है तो वहीं आरोपियों के अवैध घरों पर बुलडोजर चलाने की भी तैयारी की जा रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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