सुप्रीम कोर्ट. (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट ने राशन कार्ड जारी करने के लिए ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत प्रवासी मजदूरों के सत्यापन में देरी के लिए डिफॉल्टर राज्यों को आज (16 जुलाई) कड़ी फटकार लगाई और उन्हें चार सप्ताह के भीतर यह काम पूरा करने का निर्देश दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को उन राज्यों को खाद्यान्न जारी करने का भी निर्देश दिया, जिन्होंने प्रवासी मजदूरों का सत्यापन पूरा कर लिया है. देरी को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने कहा कि यदि राज्य निर्धारित समय के भीतर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने में विफल रहते हैं तो वह संबंधित सचिवों को तलब करेंगे.
यह भी पढ़ें- स्वाति मालीवाल मारपीट मामला: आरोपी विभव के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट, 50 लोगों को बनाया आरोपी
सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सत्यापन चार महीने में पूरा क्यों नहीं किया जा सका. यह बहुत अधिक है. चार महीने बाद भी आप इसे कर रहे हैं और यह कहने का साहस कर रहे हैं कि दो महीने और चाहिए. हम निर्देश देते हैं कि पूरा सत्यापन चार सप्ताह में पूरा किया जाए.
-भारत एक्सप्रेस
France Protest: फ्रांस में छात्र प्रदर्शन के दौरान 'बिस्मिल्लाह' लिखे पोस्टरों ने विवाद खड़ा कर…
भारत 26 और 27 अक्टूबर को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की मेजबानी करेगा. नई दिल्ली…
महाराष्ट्र में गरीब महिलाओं को लालच देकर अवैध अंडाणु दान कराने वाले रैकेट पर ED…
चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, पारदर्शिता और EVM-VVPAT प्रक्रियाओं में सुधार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को…
Raihan Vadra Bikaner House Controversy: दिल्ली के बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी…