देवेंद्र फडणवीस. (फाइल फोटो)
महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक दल की बैठक में बुधवार को देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता चुना गया. चंद्रकांत पाटिल और सुधीर मुनगंटीवार ने नाम का प्रस्ताव रखा जिसका पंकजा मुंडे ने समर्थन किया. शीर्ष नेतृत्व ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विजय रूपाणी को पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा था. उनकी मौजूदगी में ही देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता चुना गया.
महाराष्ट्र विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक विजय रुपाणी को नियुक्त किया गया. उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से अनुरोध किया कि वे मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी-अपनी पसंद के नाम का प्रस्ताव रखें. इस पर चंद्रकांत पाटिल और सुधीर मुगंटीवार दोनों ने देवेंद्र फडणवीस के नाम का प्रस्ताव रखा.
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद निर्मला सीतारमण और विजय रूपाणी ने देवेंद्र फडणवीस को गुलदस्ता थमा कर बधाई दी. विधानसभा चुनाव के 11 दिन बाद देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता चुना गया है. वह पांच दिसंबर को महाराष्ट्र के आजाद मैदान में सीएम पद की शपथ लेंगे. वह तीसरी बार सीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं. विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किए गए विजय रूपाणी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से अनुरोध किया कि वो मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी-अपनी तरफ से प्रस्ताव रखें.
महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि हमने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक चुनाव लड़ा है. महायुति ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है. हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद से महाराष्ट्र को नंबर एक के पायदान पर ले जाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं. विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद देवेंद्र फडणवीस के आवास के बाहर जश्न का माहौल है. कार्यकर्ता ढोल नगाड़ों के साथ खुशी मना रहे हैं. पंकजा मुंडे, प्रवीण दरेकर और रविंद्र चव्हाण ने फडणवीस के नाम के प्रस्ताव का समर्थन किया. बता दें कि विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद सीएम फेस के लिए दो नामों पर चर्चा अपने चरम पर थी. इसमें से पहला देवेंद्र फडणवीस और दूसरा एकनाथ शिंदे का था.
अब विधायक दल के नेता के रूप में देवेंद्र फडणवीस के नाम पर मुहर लगाई जा चुकी है. अब महायुति के विधायकों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. शपथ ग्रहण 5 दिसंबर को आजाद मैदान में होगा. इनके साथ कितने मंत्री शपथ लेंगे या नहीं लेंगे, इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है.
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा से पहले नागपुर में देवेंद्र फडणवीस के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों पर एक कविता लिखी गई है, जिसका शीर्षक है “वापस आना पड़ता है”.
पत्थर की बंदिश से भी क्या बहती नदियां रुकती हैं,
हालातों की धमकी से क्या अपनी नजरें झुकती हैं,
किस्मत से हर पन्ने पर किस्मत लिखवाना पड़ता है,
जिसमें मशाल सा जज्बा हो वो दीप जलाना पड़ता है,
वापस आना पड़ता है, फिर वापस आना पड़ता है
-भारत एक्सप्रेस
Adani Power Assam Plant: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को धुबरी जिले…
इंटरनेट पर एक अनोखा वीडियो सामने आया है जिसमें एक बंदर इंसानों की तरह सैलून…
Super El Nino Alert: 180 से अधिक वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि भयंकर 'सुपर…
DMRC की सहायक कंपनी DMIL बर्लिन के InnoTrans 2026 में अपनी वैश्विक शुरुआत कर रही…
Meerut News: मेरठ के फलावदा में 65 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर बेटे और…
Lavkush Nagar Court: कोर्ट परिसर में दादाजी के गमछे को थामे रोते मासूम की तस्वीर…