पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर गुरुवार को ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’ का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का विषय था ‘निवेश से रोजगार : अटल का संकल्प, उज्ज्वल मध्य प्रदेश.’
इस मौके पर केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 1,655 औद्योगिक इकाइयों (इंडस्ट्रियल यूनिट्स) का शिलान्यास किया, जिनमें 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश होगा.
इन परियोजनाओं से करीब 2 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. गृह मंत्री ने इसे अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन और राष्ट्र निर्माण के सपने को सच्ची श्रद्धांजलि बताया.
यह समिट अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मभूमि ग्वालियर में आयोजित हुई, जो आत्मनिर्भरता, विकास और समावेशी प्रगति की उनकी सोच को दर्शाती है.
इस दौरान अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की मिलकर काम करने वाली व्यवस्था से मध्य प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब यह ‘विकसित भारत’ का एक मजबूत आधार बन रहा है. केंद्र सरकार आगे भी मध्य प्रदेश को पूरा सहयोग देती रहेगी और प्रधानमंत्री मोदी के विजन के साथ मिलकर देश को समृद्ध बनाने का काम करेगी.
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समिट का उद्घाटन किया. यहां निवेशकों को भूमि आवंटन पत्र सौंपे गए, कई परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ और 10,000 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाएं जनता को समर्पित की गईं. ऊर्जा क्षेत्र में 60,000 करोड़ रुपए की तीन बड़ी परियोजनाएं शुरू होंगी, जिनसे 12,600 नौकरियां मिलेंगी. खनन क्षेत्र में 7,050 करोड़ रुपए की 13 परियोजनाओं से 9,505 रोजगार पैदा होंगे. नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 35,581 करोड़ रुपए के 496 प्रोजेक्ट्स से 5,535 नौकरियां मिलेंगी. पर्यटन क्षेत्र में 386 करोड़ रुपए के दो प्रोजेक्ट्स से 2,700 रोजगार, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र में 240 करोड़ रुपए के निवेश से 240 नौकरियां पैदा होंगी. इसके अलावा 40 करोड़ रुपए स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर खर्च किए जाएंगे.
अमित शाह ने कहा कि क्षेत्रीय निवेश समितियों के जरिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव रखी है. उन्होंने यह भी कहा कि मोहन यादव अपने प्रयासों से लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल की तेज रफ्तार से भी आगे जाते दिखाई दे रहे हैं.
गृह मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां पूरे राज्य में उद्योगों का संतुलित विकास जरूरी है. उन्होंने मालवा और ग्वालियर-चंबल क्षेत्रों में कपास उत्पादन का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कपास से जुड़े उद्योग स्थानीय स्तर पर लगाए जाएं, तो किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और उनकी आमदनी बढ़ेगी. इससे परिवहन लागत कम होगी और दिल्ली व अन्य राज्यों के बाजारों से सीधा जुड़ाव होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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