उन्नाव में बाढ़ से लोग परेशान नाव का ले रहे हैं सहारा
UP Flood : उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा ने आस-पास रहने वाले लोगों का जीना दूभर कर दिया है. सभी जगहों पर सरकारी राहत पहुंचाई जा रही है लेकिन कुछ ऐसी जगहें हैं, जहां लोगों का आरोप है कि उन तक कोई राहत नहीं पहुंच रही है. इस सम्बंध में उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से तमाम लोगों ने शिकायत की है और पिछले 15 दिन से करीब तीन से चार हजार मकान पानी में डूबे हुए हैं, बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. यहां पर त्राहि-त्राहि मची हुई है, लेकिन कोई भी सरकारी राहत नहीं पहुंची है. हालांकि उन्नाव जिलाधिकारी का कहना है कि राहत कार्य जारी है.
उन्नाव के कटरी पीपर खेड़ा, सोलह बिगहा से जानकारी सामने आ रही है कि करीब दो हफ्ते से बाढ़ का पानी यहां भरा हुआ है. इस सम्बंध में पीड़ित हासिम बताते हैं कि 15 दिनों से बाढ़ का पानी भरा है. करीब 20 से 25 किलोमीटर का क्षेत्र पानी में डूबा हुआ है. जो मकान नीचे बने हैं वो तो पूरे-पूरे डूब गए हैं और लोगों को घरों की छत पर रहना पड़ रहा है. जो मकान ऊंचाई पर बने हैं उनकी चौखट तक पानी भरा हुआ है. लड्डन बताते हैं कि पीछले 15 दिन से बच्चे स्कूल नहीं जा पाए हैं और सामान लेने के लिए 50 से 100 रुपए नाव वाले को देकर जाजमऊ के पास जाना पड़ता है.
इस्लाम कबाड़ी और राजा कबाड़ी बताते हैं कि बच्चे भूख से बिलख रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से कोई राहत सामग्री नहीं पहुंची है और हम लोगों का धंधा भी चौपट हो गया है. रईस बताते हैं कि गंगा पार जाजमऊ के पास पट्टी हाइवे तक डूबा हुआ है.
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हाल ही में राहत आयुक्त की ओर से जानकारी दी गई थी कि बदायूं, फर्रुखाबाद और कानपुर देहात में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. कन्नौज और रायबरेली में गंगा, शाहजहांपुर में रामगंगा, पलियाकलां में शारदा, बाराबंकी, अयोध्या और बलिया में घाघरा में पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. तमाम इलाकों में कटान होने की वजह से गांवों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. इस तरह से प्रदेश के 18 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. आजमगढ़,अमरोहा, बिजनौर, बाराबंकी,फर्रुखाबाद, बदायूं, हरदोई,गोंडा, कासगंज, कन्नौज, कुशीनगर, खीरी, मेरठ,मऊ, शाहजहांपुर, मुजफ्फरनगर, उन्नाव, सीतापुर, इन जिलों के 702 गांव के करीब दो लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं. बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य किया जा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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