लखीमपुर में बच्चों ने की आतिशबाजी (फोटो सोशल मीडिया)
Uttarkashi Tunnel Rescue Celebration: उत्तराखंड (Uttarakhand) के उत्तरकाशी (Uttarkashi) जिले की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को मंगलवार को बाहर निकाल लिया गया है. इसी के बाद से मजदूरों के घरों में 17 दिन बाद दीवाली मनाए जाने का क्रम जारी है. दरअसल ये सभी मजदूर 12 नवंबर को यानी दिवाली के दिन ही निर्माणाधीन सुरंग में फंस गए थे. इसके बाद मजदूरों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 400 घंटे से अधिक चला और आखिरकार सभी मजदूरों को सही-सलामत निकाल लिया गया. रंग में उत्तर प्रदेश के भी 8 मजदूर फंसे थे, जिनके सुरंग से बाहर निकलने के बाद से ही उनके घरों में खुशी का माहौल है और दीवाली का जश्न मनाया जा रहा है.
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के रहने वाले श्रमिक सुंदर की पत्नी शीला ने श्रमिकों के सकुशल बाहर निकाले जाने पर प्रसन्नता व्यक्ता की है. सिलक्यारा सुरंग से बचाए गए श्रमिकों को लेकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए शीला ने कहा कि, हम बहुत खुश हैं, कल हमने उनसे फोन पर बात की थी. इसी के साथ शीला ने कहा कि, हम केंद्र सरकार और बचाव कर्मियों का धन्यवाद करते हैं. पूरे गांव में बहुत खुशी है. तो वहीं श्रमिक सुंदर की मां धनपति ने भी खुशी जाहिर की और कहा कि, “हम बहुत खुश हैं. कल शाम को हमने दिवाली मनाई, पूरे गांव ने कल खुशी से दिवाली मनाई गई है.”
इसी तरह श्रावस्ती जिले के ही रहने वाले श्रमिक संतोष की मां ने भी खुशी जाहिर की. हालांकि संतोष अभी अस्पताल में हैं. इसको लेकर संतोष की मां ने कहा कि, हमारी संतोष से फोन पर बात हुई है, अभी वह अस्पताल में है. आज हमने दिवाली मनाई है. घरों में दीप जलाएं है. संतोष की मां ने कहा कि, हम केंद्र सरकार और बचाव कर्मियों का धन्यवाद करते हैं. सिलक्यारा सुरंग से बचाए गए श्रावस्ती के एक श्रमिक राम मिलन के बेटे संदीप कुमार ने भी खुशी जाहिर की और कहा कि, “बहुत अच्छा लग रहा है. सब लोग खुश हैं. उनसे बात हुई है. मैं केंद्र सरकार और बचाव कर्मियों का धन्यवाद देता हूं.”
सिलक्यारा सुरंग से बचाए गए लखीमपुर खीरी के श्रमिक मंजीत के घर में बच्चों ने आतिशबाजी की. इस मौके पर मंजीत की मां ने कहा, “हम बहुत खुश हैं, हमने आज दिवाली मनाई है. हमारा एक ही बेटा है. 17 दिन कैसे बीते हैं यह सिर्फ भगवान जानते हैं. मां ने अपने खुशी के आंसू पोछते हुए कहा कि, 17 दिन हमारे लिए अंधेरा था, आज उजाला हुआ है. मैं केंद्र और राज्य सरकार का धन्यवाद करती हूं.”
बता दें कि टनल से मजदूरों के सकुशल बाहर निकलने का प्रदेश के तमाम हिस्सो में जश्न मनाया गया. मालूम हो कि टनल में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, मिर्जापुर के मजदूर फंसे थे. उनको टनल से सुरक्षित निकाल लिए जाने के बाद उनके घरों में दीवाली मनाए जाने का क्रम जारी है. बता दें कि उत्तर प्रदेश के कुल 8 मजदूर फंसे थे. श्रावस्ती जिले के राममिलन, सत्यदेव, रामसुंदर,अंकित, संतोष, जय और खीरी से मंजीत व मिर्जापुर के अखिलेश टनल में फंसे थे, जिनको सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.
-भारत एक्सप्रेस
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