मणिपुर में महिलाओं से हैवानियत
Manipur Video: मणिपुर में दो कुकी महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के वीडियो ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. वीडियो में दोनों महिलाओं का यौन उत्पीड़न होता दिख रहा है और इसके बाद भीड़ उन्हें ले जाकर खेत में छोड़ देती है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद पूरे देश में आक्रोश है. लोग उन दरिंदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं. वहीं इस मामले को लेकर सियासत भी गरमाई हुई है. विपक्षी दल बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं. दूसरी तरफ, पूरे मामले में पीड़िताओं ने अपनी आपबीती बताई है. उन्होंने बताया कि वारदात वाले दिन क्या हुआ था.
वायरल वीडियो में दो महिलाएं दिख रही हैं जिनमें एक की उम्र 40 और दूसरी महिला की उम्र 20 साल बताई जा रही है. इसमें देखा जा सकता है कि दोनों महिलाओं को भीड़ निर्वस्त्र करके घुमा रही है. भीड़ में शामिल कुछ लोग महिलाओं से छेड़छाड़ करते नजर आ रहे हैं और उन्हें खेत की तरफ खींचते नजर आ रहे हैं. 18 मई को दर्ज की गई शिकायत में पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया था कि 20 वर्षीय महिला के साथ दिनदहाड़े गैंगरेप भी किया गया.
पुलिस शिकायत में उन्होंने कहा था कि कांगपोकपी जिले में उनके गांव पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने के बाद वे लोग जान बचाने के लिए जंगल की तरफ भाग गए थे. जहां बाद में उन्हें थौबल पुलिस ने बचाया और पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा था. लेकिन भीड़ ने पुलिस स्टेशन से करीब 2 किमी दूरी पर रोक लिया.
एक अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, महिला ने बताया, “पुलिस उस वक्त गांव पर हमले करने वाली भीड़ के साथ थी. पुलिस ने हमें घर के पास से उठाया और थोड़ी दूर ले जाकर भीड़ के पास सड़क पर छोड़ दिया. पुलिस ने हमें भीड़ को सौंप दिया था.”
दोनों पीड़िताओं में से एक ने कहा कि पुलिस ने उन्हें भीड़ के पास छोड़ दिया था. अपनी शिकायत में पीड़ितों ने कहा था कि वहां पांच लोग एक साथ थे. वीडियो में दिखाई देने वाली दो महिलाएं, 50 साल की एक अन्य महिला जिसे निर्वस्त्र किया गया. इसके अलावा एक अन्य महिला के पिता और भाई, जिनके बारे में उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें भीड़ ने मार डाला था.
महिला ने कहा कि उसके या उसके परिवार को इस घटना के वीडियो के बारे में कोई जानकारी नहीं है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और राज्य सरकार एवं पुलिस को एफआईआर दर्ज होने के दो महीने बाद कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा. महिला का कहना था कि मणिपुर में इंटरनेट नहीं है, इसके बारे में हमें नहीं पता.
पीड़िता ने कहा, “भीड़ में बहुत से लोग शामिल थे लेकिन वह उनमें से कुछ को पहचानती थी. उनमें एक ऐसा शख्स भी था जिसके बारे में उसने कहा था कि वह उसके भाई का दोस्त है. बता दें कि बुधवार को इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सरकार एक्शन में आई और पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान और उनकी तलाश करने में जुटी है.
-भारत एक्सप्रेस
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