देश

‘योग ही हर समस्या का समाधान, PM मोदी श्रेष्ठ उदाहरण’, प्रधानमंत्री के संदेश पर बोले स्वामी भारत भूषण

Yoga for Health Solutions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों को लिखे पत्र में योग, स्वास्थ्य, स्वच्छता और संयमित जीवनशैली पर दिए संदेश का स्वागत करते हुए स्‍वामी भारत भूषण ने कहा कि योग जीवन की हर समस्या का समाधान है और प्रधानमंत्री स्वयं इसके श्रेष्ठ उदाहरण हैं.

स्‍वामी भारत भूषण ने IANS से खास बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं एक उत्तम योगसाधक है, इसलिए यह स्वाभाविक है कि जब वे जीवन के उपायों की बात करते हैं तो उसमें योग का उल्लेख अवश्य होगा. योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन का अनुशासन है. अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह ये योग के मूल आधार हैं. स्वास्थ्य की हो या मन की कोई समस्या, योग से बेहतर उपाय कोई नहीं. उन्होंने चाहे आम नागरिकों से बात की हो या समाज के किसी विशेष वर्ग से योग ही सबसे उपयुक्त मार्ग है.

भोजन में तेल की मात्रा 10 प्रतिशत कम हो

प्रधानमंत्री ने भोजन में तेल की मात्रा 10 प्रतिशत कम करने की अपील की, इस पर भारत भूषण ने कहा कि हमारी जीवनशैली बदल रही है, लेकिन शारीरिक श्रम घट गया है. यही कारण है कि ओबेसिटी, हृदय रोग और मानसिक तनाव बढ़ रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने तेल कम करने की जो बात कही, उसका अर्थ यह नहीं कि किसी विशेष तेल का प्रयोग बंद करें, बल्कि यह कि शरीर में फैट कंटेंट कम किया जाए. जितना हम तेल या घी का सेवन कम करेंगे, उतनी ही हमारी वर्किंग एफिशिएंसी और फिटनेस बढ़ेगी. प्रधानमंत्री मोदी संवाद के माध्यम से जनता को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रहे हैं, यही एक सच्चे नेता की संवेदनशीलता है.

स्वास्थ्य का मूल ही स्वच्छता है

प्रधानमंत्री के पत्र में स्वच्छता और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की बात पर उन्‍होंने कहा कि स्वास्थ्य का मूल ही स्वच्छता है. प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अपने आचरण से साबित किया है वे स्वयं झाड़ू लेकर सड़क पर उतरते हैं, जिससे समाज को प्रेरणा मिलती है. योग में भी कहा गया है कि बाहरी स्वच्छता के साथ आंतरिक स्वच्छता, यानी मन की पवित्रता, भी उतनी ही आवश्यक है. अगर हमारे विचार शुद्ध नहीं होंगे तो बाहरी सफाई अधूरी रह जाएगी.

योग और अनुशासन की भावना

स्‍वामी भारत भूषण ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने कोरोना काल में जिस तरह से देश को संभाला, वह भी योग और अनुशासन की भावना का उदाहरण है. उन्होंने न केवल दूरी, स्वच्छता और सावधानी का संदेश दिया, बल्कि उसे आचरण में उतारा. योग दर्शन देखने की नहीं, जीने की चीज है और प्रधानमंत्री ने इसे अपने जीवन में अपनाया है. उनका संदेश यही है विचारों को आचरण में उतारिए, तभी समाज और व्यक्ति दोनों बदलेंगे.

भारत के शिपबिल्डिंग और मैरीटाइम इकोसिस्टम के लिए सरकार का 8 बिलियन डॉलर का पैकेज महत्वाकांक्षा का संकेत: पीएम मोदी

Also Follow Bharat Express on Youtube

आईएएनएस

Recent Posts

सदन का एक-तिहाई हिस्सा: भारत में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक अब और क्यों नहीं टल सकते?

Women's Reservation Bill 2026: डॉ. शालिनी अली का तर्क है कि लोकसभा में महिलाओं को…

16 minutes ago

7% ग्रोथ का नया रिकॉर्ड बनाने की राह पर भारत? दुनिया का ध्यान खींच रही इकोनॉमी, IMF-World Bank भी हुए बुलिश

India Economic Growth: कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक पॉलिसी के अर्थशास्त्री क्यूंगहून किम के अनुसार…

19 minutes ago

देवरिया में खाकी को महिलाओं ने घेरा, 15 हजार के इनामी बदमाश को पकड़ने गई पुलिस टीम से झड़प

देवरिया के भटनी क्षेत्र में 15 हजार के इनामी बदमाश विकास यादव को पकड़ने गई…

22 minutes ago

पहाड़ों की गोद में बसा ऋषि महादेव मंदिर: हरियाली, झरने और शिवभक्ति के अनूठे संगम की मनमोहक तस्वीरें

राजस्थान के प्रतापगढ़ में स्थित प्राचीन ऋषि महादेव मंदिर प्राकृतिक सुंदरता और अटूट आस्था का…

49 minutes ago

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, FSSAI के उस आदेश पर रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के न्यूट्रिचॉइस मिलेट्स कूकीज पर 'नो एडेड शुगर' और 'नो…

52 minutes ago