जस्टिस उदय उमेश ललित भारत के 49 वें प्रधान न्यायाधीश (CJI) बन गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें इस पद की शपथ दिलाई। इस पद पर उनका कार्यकाल 74 दिनों का होगा। आठ नवम्बर को वह सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उनके शपथ ग्रहण में पीएम मोदी और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी मौजूद रहे। यूयू ललित ने न्यायाधीश एन. वी. रमण का स्थान लिया जो 26 अगस्त को रिटायर हुए।
जस्टिस यूयू ललित के शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने ट्विटर हैन्डल पर एक वीडियो शेयर कर जानकारी दी कि देश के नए देश के मुख्य न्यायाधीश ने शपथ ले ली है। उन्होंने लिखा, “भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित का शपथ ग्रहण समारोह।” इस दौरान देश के प्रधानमंत्री, पूर्व राष्ट्रपति व कई बड़े दिग्गज मौजूद रहे।
जस्टिस यूयू ललित ने वकालत की शुरुआत बॉम्बे हाईकोर्ट से की थी। इसके बाद वह दिल्ली आ गए उन्होंने साढ़े पांच साल अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी के साथ काम किया। इसके बाद जल्द ही आपराधिक मामले के नामी वकील बन गए। उनका पहला बड़ा आपराधिक केस जनरल वैद्य हत्याकांड था। 13 अगस्त 2014 को उन्हे सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया था।
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