गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी की मौत पर बसपा प्रमुख मायावती ने उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है. ट्वीट किया है. “मुख़्तार अंसारी की जेल में हुई मौत को लेकर उनके परिवार द्वारा जो लगातार आशंकायें व गंभीर आरोप लगाए गए हैं उनकी उच्च-स्तरीय जांच जरूरी, ताकि उनकी मौत के सही तथ्य सामने आ सकें. ऐसे में उनके परिवार का दुःखी होना स्वाभाविक. कुदरत उन्हें इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे.”
परिवार ने जहर देने का लगाया आरोप
गाजीपुर से बहुजन समाज पार्टी के सांसद अफजाल ने मंगलवार को मीडिया से कहा था कि ”मुख्तार ने उन्हें बताया था कि करीब 40 दिन पहले भी उन्हें जहर दिया गया था और हाल ही में शायद 19 या 22 मार्च को फिर ऐसा किया गया, जिसके बाद से उनकी हालत खराब है.” अफजाल ने कहा था कि 21 मार्च को बाराबंकी की अदालत में एक मामले की डिजिटल माध्यम से सुनवाई के दिन मुख्तार के वकील ने अदालत में दरखास्त दी थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उनके मुवक्किल को जेल में ‘धीमा जहर’ दिया गया है जिससे उनकी हालत बिगड़ती जा रही है.
मुख्तार अंसारी की मौत की मजिस्ट्रियल जांच तीन सदस्यीय टीम करेगी. पांच डॉक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा, जिसकी वीडियोग्राफी की जाएगी. पोस्टमार्टम के बाद मुख्तार अंसारी का शव उनके बेटे उमर अंसारी को सौंप दिया जाएगा.
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बता दें कि मुख्तार अंसारी का कार्डियक एरेस्ट होने से गुरुवार (28 मार्च) को मौत हो गई. जेल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार 28 मार्च को तकरीबन रात 8 बजे मुख्तार की तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उसे दुर्गावती मेडिकल अस्पताल में भार्ती कराया गया. जहां उसकी मौत कार्डियक एरेस्ट होने से मौत हो गई.
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