नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण विधिक कार्रवाई सामने आई है. दिल्ली स्थित राऊज एवेन्यू अदालत की फास्ट ट्रैक कोर्ट अब सीबीआई द्वारा दाखिल की गई मुख्य चार्जशीट पर आगामी 3 अगस्त 2026 को आधिकारिक रूप से संज्ञान (Cognizance) लेने पर विचार करेगी. विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्पेशल जज अनु ग्रोवर बालिगा ने सीबीआई द्वारा दाखिल इस विस्तृत चार्जशीट को आधिकारिक तौर पर कोर्ट के रिकॉर्ड पर ले लिया है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सीबीआई के वकीलों से सीधा सवाल पूछा कि चार्जशीट में गवाहों के जिन बयानों और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक दस्तावेज़ों का हवाला दिया गया है, वे मूल एनेक्सचर कोर्ट के समक्ष कहाँ हैं? इस पर सीबीआई के अधिकारियों ने अदालत को बताया कि 20,000 पेजों वाले इस विशाल एनेक्सचर दस्तावेज़ को वर्तमान में स्कैन किया जा रहा है. जांच एजेंसी ने डिजिटल एनेक्सचर दस्तावेज़ों को अदालत में जमा कराने के लिए कुछ समय की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया.
सीबीआई ने इस हाई-प्रोफाइल पेपर लीक केस में अब तक कुल 13 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके खिलाफ यह कड़ा आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया है. सीबीआई ने आरोप लगाया है कि ये सभी आरोपी आपस में मिलकर एक आपराधिक सिंडिकेट के रूप में काम कर रहे थे और इस पूरी सुनियोजित साजिश का हिस्सा थे.
आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी करने, आपराधिक विश्वासघात करने, सबूत मिटाने, भ्रष्टाचार निवारण कानून (PC Act) और नवगठित ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024’ के तहत गंभीर मामला दर्ज किया गया है.
13 आरोपियों में यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, पी. वी. कुलकर्णी (NTA पैनल शिक्षक), तेजस हर्षद कुमार, डॉक्टर मनोज शिरूरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर (लातूर कोचिंग संचालक), मनीषा मंधारे, मनीष हवलदार और मनीषा वाघमारे का नाम शामिल है. इन सभी आरोपियों के खिलाफ ‘भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023’ की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238 और 303(2) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं.
इस पूरे अंतरराज्यीय सिंडिकेट की जड़ों का पर्दाफाश करने के लिए सीबीआई ने 72 वरिष्ठ अधिकारियों और 8 साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञों (Cyber Forensic Experts) की कई विशेष टीमों का गठन किया था. जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों में कुल 92 संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जहाँ से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण (मोबाइल, लैपटॉप, हार्ड डिस्क), संचार सामग्री और संवेदनशील कागजात ज़ब्त किए गए. इन सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन फॉरेंसिक विश्लेषण (Forensic Analysis) कराया गया.
ये भी पढ़ें: जनवरी से अब तक क्या किया? सुप्रीम कोर्ट ने धीमी जांच पर CBI और दिल्ली पुलिस को लगाई कड़ी फटकार
उल्लेखनीय है कि 12 मई 2026 को यह मामला आधिकारिक तौर पर सामने आया था. उस दिन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (Department of Education) ने सीबीआई को एक लिखित शिकायत सौंपकर बताया था कि 3 मई 2026 को आयोजित हुई नीट-यूजी परीक्षा में देश भर के कई केंद्रों से धांधली और पेपर लीक होने की गंभीर शिकायतें मिली हैं. शिक्षा मंत्रालय से शिकायत प्राप्त होते ही सीबीआई ने उसी दिन (12 मई) प्राथमिक एफआईआर (FIR) दर्ज कर इस व्यापक जांच की शुरुआत की थी. अब 3 अगस्त को राऊज एवेन्यू कोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं.
Diwali Safety Tips: दिवाली के दौरान पटाखों से होने वाले हादसों से निपटने के लिए…
मध्य प्रदेश के रतलाम स्थित महालक्ष्मी मंदिर में दिवाली पर भक्त कैश और गहने चढ़ाते…
Ramayana Box Office: अमेरिकी बॉक्स ऑफिस पर 'रामायण' को 'गॉडजिला माइनस जीरो' से कड़ी टक्कर…
Pakistan Diwali News: पाकिस्तान में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने हिंदू समुदाय को दिवाली की बधाई…
Jensen Huang China Spy: जेन्सन हुआंग के संपर्क में एलिस हुआंग नाम की एक महिला…
Japan Earthquake 2026: जापान में 5.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से धरती कांप उठी, जिसमें…