Samman Capital Scam: सुप्रीम कोर्ट ने इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (जो सम्मान कैपिटल) से जुड़े वित्तीय घोटाला मामले की धीमी जांच पर नाराजगी व्यक्त किया है. कोर्ट ने सीबीआई और दिल्ली पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा को कड़ी फटकार लगाई है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि जांच एजेंसियों ने अदालत ने यह नही बता पाया कि जनवरी से अभी तक इस केस में क्या प्रगति हुई है.
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि सीबीआई ने जनवरी में हलफनामा दाखिल कर माना था कि ईडी और सेबी को फंड की हेराफेरी और धन के दुरुपयोग के संकेत मिले है. सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अब जुलाई का अंत आ गया. उन्होंने पूछा कि जनवरी से लेकर अभी तक सीबीआई ने क्या किया है? सीजेआई ने कहा अगर एजेंसी को लगता है कि कोई अपराध नही हुआ है, तो उन्हें साहस के साथ इस बात को कहना चाहिए. इसपर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस. वी राजू ने कोर्ट को बताया कि अभी मामले में जांच में जारी है.
सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों की भूमिका पर उठाया सवाल
उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि इस मामले की जांच सीबीआई, दिल्ली पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा के अलावे सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस भी कर रही है. एएसजी एसवी राजू ने कोर्ट को यह भी बताया कि गवाहों से पूछताछ की गई है और यह जांच की जा रही है कि कर्ज ब्याज सहित लौटने के बावजूद कोई अपराध बनता है या नही. कोर्ट ने दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि जांच एजेंसियों की भूमिका बेहद संदिग्ध लग प्रतीत हो रहा है. जबकि बचाव पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि समीर गहलोत का सम्मान कैपिटल से कोई संबंध नही है.
इसके बावजूद बेंच ने जांच एजेंसियों को गहलोत की कथित भूमिका और इंडियाबुल्स से पूंजी के बाहर जाने के आरोपों की भी जांच के निर्देश दिया है. यह मामला आईएचएफएल जिसे अब सम्मान कैपिटल के नाम से जाना जाता है, द्वारा कॉरपोरेट संस्थाओं को कथित रूप से ऋण देने से जुड़ा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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