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केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग मामले से जुड़े याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की

केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग को लेकर अलग-अलग हाई कोर्ट में दायर याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की है. इसको लेकर केंद्र सरकार ने सीजेआई बी. आर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मेंशन कर जल्द सुनवाई की मांग की है.

कोर्ट ने अगले सप्ताह मामले को सूचीबद्ध करने का भरोसा दिया है. इसपर सीजेआई ने कहा कि यह मामला जस्टिस जे. बी पारदीवाला की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा.

हाईकोर्ट्स में  तीन अलग-अलग रिट याचिकाएं लंबित

केंद्र सरकार द्वारा दायर याचिका में मांग की गई है कि प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 के खिलाफ देशभर के विभिन्न हाईकोर्ट्स में दायर सभी याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर करने की मांग की गई है. इसको लेकर विभिन्न हाईकोर्ट्स में कम से कम तीन अलग-अलग रिट याचिकाएं लंबित है.

केंद्र सरकार का कहना है कि एक ही मामलों को लेकर कई अदालतों में अलग-अलग कार्यवाही होने से परस्पर विरोधी फैसले आने की उम्मीद है, लिहाजा सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सुनवाई की जाए. इसको लेकर मध्य प्रदेश, कर्नाटक और दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है. बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानून के तहत सभी ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाओं पर प्रतिबंध लगेगा.

गेम का विज्ञापन करने पर दो साल तक कि कैद

नए कानून में मनी गेम का विज्ञापन करने पर दो साल तक कि कैद और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगेगा. जबकि मनी गेम से संबंधित वित्तीय लेनदेन को बढ़ावा देने पर तीन साल तक कि कैद और एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. जबकि बार-बार अपराध करने पर तीन से पांच साल की कैद और दो करोड़ रुपए तक जुर्माना लगाया जाएगा. यह बात महत्वपूर्ण है कि विधेयक में प्रमुख धाराओं के तहत अपराधों को संज्ञेय और गैर जमानती बनाने की मांग की गई है.

सामाजिक व ऑनलाइन खेल क्षेत्र को बढ़ावा

इस विधेयक में ई-स्पोर्ट्स, शैक्षणिक खेल और सामाजिक खेल सहित ऑनलाइन खेल क्षेत्र को बढ़ावा देने, उसे विनियमित करने और इसके विकास तथा विनियमन के लिए एक प्राधिकरण की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है. इसके अलावे विधेयक में किसी कंप्यूटर, मोबाइल उपकरण या इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन मनी गेम के प्रस्ताव, संचालन, सरलीकरण, विज्ञापन, प्रचार और भागीदारी को निषिद्ध किया गया है.

उत्तराखंड हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस लोकपाल सिंह की माने तो सरकार द्वारा लाए गए कानून के बाद विदेशी कंपनियां भारत में ऑनलाइन गेमिंग का संचालन नहीं कर सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह कि चीजों पर लगाम लगनी चाहिए, ताकि समाज और युवा पीढ़ी इसके गिरफ्त में न आ जाए.

ये भी पढ़ें: ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन पर सरकार का आश्वासन, जल्द बनेगा प्राधिकरण, नियमावली की तैयारी शुरू- केंद्र सरकार

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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