लीगल

सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा- रिटायर्ड होने के बाद कोई पद नहीं लूंगा, लेकिन कानून के क्षेत्र में कुछ करूंगा

सीजेआई संजीव खन्ना ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा ऐलान किया गया रिटार्यड होने के बाद वो कोई पद ग्रहण नहीं करेंगे. उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि मैं बहुत सारी यादें लेकर जा रहा हूं. उन्होंने कहा स्मृतियां बहुत सुंदर है, जो जीवनभर याद रहेगी.

सीजेआई खन्ना ने कहा कि रिटायर्ड होने के बाद कानून के क्षेत्र में कुछ करूँगा. उनके बयान से यह तो साफ हो गया है कि रिटायर्ड होने के बाद किसी भी आयोग का अध्यक्ष नहीं बनेंगे और ना ही संवैधानिक पद को ग्रहण होंगे.

उन्होंने जस्टिस वर्मा के घर मिले करोड़ों रुपए कैश को लेकर कहा कि न्यायिक सोच निर्णायक और निर्यात्मक होनी चाहिए. हम प्लस और माइनस देखते हैं और फिर तर्कसंगत तरीके से मुद्दे पर निर्णय लेते है. जब हम ऐसा करते हैं, तो हम निर्णय लेते हैं. फिर भविष्य आपको बताता है कि आपने जो किया वह सही था या नहीं.

वकील बनने के बाद आप हमेशा वकील रहते हैं

अपने उत्तराधिकारी जस्टिस गवई के बारे में उन्होंने कहा कि जस्टिस बीआर गवई एक उत्कृष्ट मुख्य न्यायाधीश होंगे जो संस्थान की गरिमा, मौलिक अधिकारों और कानून के बुनियादी सिद्धांतों को बनाए रखेंगे. अपने कार्यकाल के आखिरी दिन सीजेआई खन्ना के साथ जस्टिस बीआर गवई भी बेंच में बैठे थे. सीजेआई खन्ना ने कहा कि एक बार वकील बनने के बाद आप हमेशा वकील रहते हैं. न्यायपालिका पर जनता का विश्वास थोपने से नहीं, बल्कि अर्जित करने से मिलता है.

उन्होंने बार और बेंच की भूमिका को बराबर का बताया और कहा आप इस (बार) व्यवस्था की आत्मा है. 14 मई 1960 को जन्में जस्टिस संजीव खन्ना के पिता देव राज खन्ना दिल्ली हाई कोर्ट के जज रह चुके है. उनकी माँ सरोज खन्ना लेडी श्री राम कॉलेज में लेक्चर थी. वह सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एचआर खन्ना के भतीजे है, जिन्होंने केशवानंद भारती (1973) में मूल संरचना सिद्धांत का प्रतिपादन किया था.

आपातकाल के दौरान एडीएम जबलपुर बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले (1976) में एकमात्र असहमति व्यक्त की थी. बदले में जस्टिस एचआर खन्ना को जनवरी 1977 में भारी कीमत चुकानी पड़ी थी. उन्हें सीजेआई नहीं बनने दिया गया था.


ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट का आदेश: सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना तुरंत लागू करें


-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

एनसीएमईआई और अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर एरा यूनिवर्सिटी लखनऊ में ऐतिहासिक संगोष्ठी

प्रो. (डॉ.) शाहिद अख्त़र ने अल्पसंख्यक संस्थानों को 'सामाजिक प्रयोगशाला' बताया, डॉ. इंद्रेश कुमार ने…

4 hours ago

शुभ मुहूर्त में निवेश का मौका: 8 नवंबर को सजेगा शेयर बाजार का मंच, जानें टाइमिंग्स

देश के प्रमुख शेयर बाजारों (NSE और BSE) ने दिवाली के अवसर पर 8 नवंबर…

5 hours ago

Noida Dussehra Traffic Advisory: दशहरा और मूर्ति विसर्जन को लेकर बदलेगा ट्रैफिक, घर से निकलने से पहले जान लें नए रूट

Noida Dussehra Traffic Advisory: दशहरा और मूर्ति विसर्जन कार्यक्रमों को देखते हुए नोएडा और ग्रेटर…

5 hours ago

यह कैसा अंधविश्वास? मंदिर में खुदवाया गड्ढा, फिर करने लगी समाधि लेने की बात

रामपुर के शाहबाद में सपने में माता रानी के दर्शन का दावा कर महिला मंदिर…

5 hours ago

अंडरगारमेंट में क्या छिपाकर ले जा रहा था युवक? मेट्रो स्कैनर ने खोल दिया राज

Jama Masjid Metro Incident: जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर पकड़े गए मोहम्मद शोएब पर दिल्ली…

5 hours ago