लीगल

मुखर्जी नगर स्थित सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट के निवासियों को दिल्ली हाई कोर्ट से नही मिली राहत

दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट को गिराने पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है. जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि लोगों के रिस्क पर अदालत अपना फैसला नही बदल सकता है. यह याचिका सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट में रहने वाले 9 लोगों ने यह याचिका दायर की थी.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगर अदालत उन्हें राहत देगी तो फिर सभी को राहत देना पड़ेगा. कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद याचिकाकर्ता बार-बार याचिका दायर की अवमानना कर रहे हैं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. जिसमें मुखर्जी नगर स्थित सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट को गिराने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.

हाई कोर्ट में बहस जारी

दायर याचिका में 17 सितंबर को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से दिल्ली विकाश प्राधिकरण द्वारा सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट गिराने का रास्ता साफ हो गया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि फ्लैट तोड़ने पर कोई रोक नहीं है. अपार्टमेंट के ज्यादातर फ्लैटों को संरचनात्मक रूप से असुरक्षित घोषित किया गया है.

दूसरी ओर फ्लैट मालिकों ने किराए का भुगतान न होने का डीडीए पर आरोप लगाया है. डीडीए के 2007 और 2010 के बीच बनाए गए 336 फ्लैटों को आईटीआई दिल्ली के स्ट्रक्चरल ऑडिट के बाद असुरक्षित पाया गया था. इसके बाद 2023 में एमसीडी ने इन्हें गिराने के आदेश जारी किए. हालांकि कई निवासियों ने इस आदेश को चुनौती दी है. जिसपर हाई कोर्ट सुनवाई कर रहा है.

फ्लैट मालिकों को जारी किया नोटिस

डीडीए ने अपार्टमेंट के निवासियों से 31 जुलाई तक फ्लैट खाली कर उसे सौपनें को कहा था. वही मार्च में जारी की गई एसओपी की तरह 1 मई को जारी की गई नई एसओपी में कही नहीं कहा गया है कि एजेंसी अपार्टमेंट में रहने वाले सभी निवासियों को कब किराया देगी. डीडीए ने 2000 के दशक के मध्य में सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट का निर्माण कराया था, लेकिन कुछ समय बाद ही इसके निर्माण में गंभीर संरचनात्मक खामियां पाई गई. जिसके बाद डीडीए ने अपार्टमेंट में रहने वाले 336 फ्लैट मालिकों को नोटिस जारी किया था. जारी नोटिस में कहा गया था कि यह इमारत खतरनाक श्रेणी में चिन्हित की गई है.

ये भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट 28 अक्टूबर से न्यायिक अधिकारियों की वरिष्ठता और करियर प्रगति मामले की सुनवाई करेगा

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

आरा में दिनदहाड़े रिटायर्ड कस्टम अफसर की हत्या, बेटे के सामने बरसाईं गोलियां

Crime News: बिहार के आरा में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी और क्षत्रिय संघ बिहार के अध्यक्ष…

9 minutes ago

परमिंदर सिंह झोटा मर्डर केस: पंजाब बंद का मानसा में दिखा भारी असर, सड़कें सुनसान और बाजार पूरी तरह ठप

Punjab News: परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध और इंसाफ की मांग को लेकर 15…

14 minutes ago

‘दवा पीने के बाद बिगड़ी हालत’… जमुई में 10 महीने की बच्ची की मौत पर भड़के लोग, किया जोरदार हंगामा

Jamui News: जमुई शहर में एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान 10 महीने की…

40 minutes ago

दुर्गा पूजा से लेकर करवा चौथ तक 10 दिन बंद रहेंगे बैंक, घर से निकलने से पहले देखें पूरी लिस्ट

अक्टूबर 2026 के दूसरे पखवाड़े में विभिन्न त्योहारों और वीकेंड के चलते देश के अलग-अलग…

48 minutes ago