दिल्ली हाई कोर्ट से कथावाचक अनिल कुमार तिवारी उर्फ अनिरुद्धाचार्य को फिलहाल राहत मिल गई है. दिल्ली हाई कोर्ट ने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के आदेश दिए है. कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में विस्तृत आदेश पारित करेगा. कोर्ट 23 सितंबर को अगली सुनवाई करेगा. जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने यह आदेश दिया है.
अनिरुद्धाचार्य ने व्यक्तित्व सुरक्षा की मांग को लेकर याचिका दायर की है. दायर याचिका में कहा गया है कि उनकी पहचान, उनकी आवाज, नाम और छवि का उनके बिना अनुमति के इस्तेमाल करने पर रोक लगाए क्योंकि इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है.
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “हमें तो बस दिल्ली के लिए ये प्यार समझना है”. कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा कि दिल्ली के प्रति इतना प्रेम क्यों, जब देशभर में और अदालतें उपलब्ध है, और आदेश पारित कर रही हैं. इसपर वकील ने कोर्ट को बताया कि उनके ज्यादातर दर्शक दिल्ली में हैं, तो कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आपका कंटेंट तो मंगल और बृहस्पति पर भी पहुंच सकता है. सवाल ये है कि यहां कौन देख रहा है?
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सिर्फ सुविधा के नाम पर सूट फाइल नहीं हो सकता. जस्टिस गेडेला ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एक धार्मिक गुरु होने के नाते आपको आलोचना और प्रशंसा से ऊपर होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब आप कोई विचार रखते है, तो असहमति होना स्वाभाविक है.
उदाहरण देते हुए कोर्ट ने भी कहा कि आदि शंकराचार्य भी मतभेद होने पर मुकदमें नहीं करते थे, बल्कि बहस के जरिये अपनी बात रखते थे. आपको आलोचना से ऊपर उठना चाहिए, प्रतिष्ठा से आसक्ति क्यों? कोर्ट ने कहा कि दार्शनिक विचारों से असहमति होना स्वाभाविक है, लेकिन हर बात को मानना जरूरी नहीं है. वहीं, गूगल ने यूट्यूब कंटेंट और एआई जेनरेटेड वीडियो को हटाने पर सहमति जताई है.
मामले की सुनवाई के दौरान गूगल की ओर से पेश वकील ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जिन लोगों ने असल में कंटेंट अपलोड किया है, उन्हें पक्षकार ही नहीं बनाया गया, जब सिर्फ प्लेटफॉर्म को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. गूगल ने ये भी कहा कि अगर यूट्यूब पर एआई या गलत तरीके से बनाया गया कंटेंट है, तो उसे हटाया जा सकता है. कुछ लिंक ऐसे बताए गए जो फैन पेज या आलोचनात्मक कंटेंट से जुड़े थे.
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि उनके लिए ये कमाई का नहीं बल्कि प्रतिष्ठा और विश्वास का सवाल है. अगर एक भी अनुयायी प्रभावित होता है, तो यह गंभीर है. इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि अगर एक व्यक्ति के प्रभावित होने से विश्वास डगमगा जाता है, तो शायद वह विश्वास उतना मजबूत नहीं है.
-भारत एक्सप्रेस
Aaj Ka Mausam: मौसम को लेकर जारी इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम…
करवा चौथ 2026 आज, 29 अक्टूबर को मनाया जा रहा है. सुहागिन महिलाएं पति की…
29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को करवा चौथ के अवसर पर ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार मेष,…
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर भारतीय नागरिकता मिलने से पूर्व मतदाता सूची में…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सपा नेता आजम खान और मौलाना मोहम्मद…
छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (CSMIA) ने टर्मिनल 1 (T1) के पुनर्विकास की पहली कलात्मक…