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दिल्ली हाई कोर्ट ने SIR में शिक्षकों की ड्यूटी पर जताई चिंता, कहा- काम का बोझ असहनीय नहीं होना चाहिए

दिल्ली हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के मामले में अहम टिप्पणी की है. अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग के पास चुनाव संबंधी कार्यों के लिए सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की सेवाएं लेने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यह सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है कि इससे शिक्षकों पर असहनीय कार्यभार न पड़े.

मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान भी शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 के प्रावधानों की अनदेखी नहीं की जा सकती. अदालत ने चुनाव आयोग को शिक्षकों पर पड़ने वाले कार्यभार का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया.

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने अदालत को बताया कि इस संबंध में विस्तृत हलफनामा दाखिल किया जा चुका है. आयोग ने कहा कि सेंट मैरी स्कूल मामला में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जा रहा है और स्कूल समय के दौरान किसी भी शिक्षक को चुनावी कार्य में नहीं लगाया जा रहा है. अदालत ने याचिकाकर्ता को चुनाव आयोग के हलफनामे पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को तय की है.

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने जताई थी नाराजगी

इससे पहले हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से सवाल किया था कि क्या वह संविधान के अनुच्छेद 324 का हवाला देकर अपनी इच्छा से कोई भी निर्णय ले सकता है. अदालत ने यह भी पूछा था कि किस कानूनी अधिकार के तहत स्कूल शिक्षकों को एसआईआर प्रक्रिया में लगाया जा रहा है.

याचिका में क्या कहा गया?

यह याचिका सोशल ज्यूरिस्ट अशोक अग्रवाल और अधिवक्ता राजेश कुमार गोगना की ओर से दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि एसआईआर कार्य के लिए शिक्षकों को बाध्य किया जा रहा है और ड्यूटी से इनकार करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की आशंका है.


ये भी पढ़ें: पंजाब के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा की अंतरिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित


सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय वशिष्ठ ने अदालत को बताया कि दिल्ली में एसआईआर की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और केवल 10 से 14 प्रतिशत सरकारी स्कूल शिक्षकों को ही मतदाता सूची संशोधन के कार्य में लगाया गया है.

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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