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उत्तम नगर हत्याकांड मामले में आरोपी के घर बुलडोजर पर लगा ब्रेक, दिल्ली हाई कोर्ट ने MCD की कार्रवाई पर लगाई 10 दिन की रोक

दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तम नगर होली के दिन हुई हत्या के बाद एमसीडी द्वारा की जा रही बुल्डोजर की कार्यवाही पर  10 दिन के लिए रोक लगा दिया है. जस्टिस अमित बंसल ने आरोपी परिवार को बुलडोजर की कार्रवाई के खिलाफ एमसीडी अपीलीय न्यायाधिकरण में जाने के लिए सात दिन का समय दिया है. साथ ही कोर्ट एमसीडी को 10 दिनों तक कोई कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है.

इस मामले में जेल में बंद आरोपी इस्माइल की बेटी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया है. इससे पहले कोर्ट ने इससे संबंधित दायर याचिका का निपटारा कर दिया था. मामले की सुनवाई के दौरान एमसीडी की ओर से पेश वकील ने हाई कोर्ट को आश्वासन दिया था कि एमसीडी बिना नोटिस जारी किए किसी भी अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा. जिसके बाद कोर्ट ने दायर दो याचिकाओं का निपटारा कर दिया था. एक याचिका उत्तम नगर हत्याकांड के एक आरोपी के परिवारवालों ने और दूसरी उसी इलाके के एक निवासी ने दायर की थी.

याचिकाकर्ता ने आशंका जताई थी कि एमसीडी उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना उनके घर को ध्वस्त कर सकती है. पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि अगर वह मकान सार्वजनिक सड़क पर है, तब भी नोटिस जारी होना चाहिए, कोर्ट ने कहा था नोटिस देने में इतनी हिचकिचाहट क्यों हो रही है.

अवैध निर्माण और बिना नोटिस कार्रवाई का दावा

मामले की सुनवाई के दौरान एमसीडी की ओर से पेश वकील ने कहा था कि हमने केवल नालियों की सफाई की है, मैंने संपत्ति नहीं तोड़ी है. उन्होंने कहा था कि नाली पर अतिक्रमण था. फरवरी में शिकायतें मिली थीं. कानून कहता है कि बिना नोटिस दिए अतिक्रमण हटाया जा सकता है. एमसीडी ने कहा था कि उन्होंने सार्वजनिक सड़क पर अतिक्रमण किया था और उनके खिलाफ प्रक्रिया के अनुसार की गई है. जबकि याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था कि मुख्य आरोपी का घर तोड़ दिया गया है. मैं सह-आरोपी हूं. एफआईआर 5 मार्च को दर्ज की गई थी. बाद में कुछ साम्प्रदायिक समूहों ने घर में घुसकर उसे नुकसान पहुचाया. हमें कई बार धमकियां मिली है कि हमारा घर गिरा दिया जाएगा.

बता दें कि 8 मार्च को दिल्ली नगर निगम की टीम बुल्डोजर लेकर मौके पर पहुंची और आरोपी निजामुद्दीन से जुड़ी प्रॉपर्टी पर कार्रवाई शुरू कर दी. अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान इस संपत्ति में अवैध निर्माण पाए जाने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई. इस मामले में 9 मार्च को पुलिस ने तीन महिलाओं को हिरासत में लिया था. जिनमें सायरा, शरीफ और सलमा शामिल थी.

इस हत्याकांड के बाद एक नाबालिग सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

ये भी पढ़ें- ‘मैं आरोपी नहीं, कोर्ट…’; दिल्ली शराब नीति केस में केजरीवाल ने खुद की पैरवी, जज के रिक्यूजल पर अड़े

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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